आज नगर भ्रमण पर निकलेंगे प्रभु वेंकटेश, छत्रीबाग से शुरू होगी पारंपरिक रथयात्रा, तमिलनाडु के कुंभकोणम से आई भगवान की खास पोशाक

इंदौर के छत्रीबाग स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में आज शाम धार्मिक आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। दरअसल श्रीब्रह्मोत्सव के तहत निकलने वाली पारंपरिक रथयात्रा में भगवान वेंकटेश रजत रथ में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की

Jul 16, 2026 - 09:30
आज नगर भ्रमण पर निकलेंगे प्रभु वेंकटेश, छत्रीबाग से शुरू होगी पारंपरिक रथयात्रा, तमिलनाडु के कुंभकोणम से आई भगवान की खास पोशाक

इंदौर के छत्रीबाग स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में आज शाम धार्मिक आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। दरअसल श्रीब्रह्मोत्सव के तहत निकलने वाली पारंपरिक रथयात्रा में भगवान वेंकटेश रजत रथ में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

दरअसल बुधवार को मंदिर में आकर्षक पुष्प बंगला सजाया गया, जहां पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर प्रबंधन के अनुसार रथयात्रा के लिए भगवान की विशेष पोशाक तमिलनाडु के कुंभकोणम से तैयार होकर मंगाई गई है। इस पोशाक में भगवान वेंकटेश का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। वहीं शाम को पूजा-अर्चना के बाद भगवान को रथ पर विराजित किया जाएगा और तय मार्ग से नगर भ्रमण कराया जाएगा। यात्रा के दौरान भजन, जयकारे और धार्मिक वातावरण पूरे शहर को भक्तिमय बना देंगे।

ये है रथयात्रा का रुट

वहीं मंदिर समिति के अनुसार रथयात्रा छत्रीबाग से शुरू होकर सिलावटपुरा चौराहा, नरसिंह बाजार, सीतलामाता बाजार, गोराकुंड चौराहा, शक्कर बाजार, बड़ा सराफा, पीपली बाजार, बर्तन बाजार, बजाज खाना चौक और साठा बाजार होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। पूरे मार्ग पर करीब 500 स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु फूलों की वर्षा कर भगवान का स्वागत करेंगे। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था रहेगी।

250 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी गई

दरअसल यात्रा की व्यवस्था संभालने के लिए करीब 250 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी एक जैसी ड्रेस में रहेंगे और अलग-अलग टीमों में पूरे मार्ग की निगरानी करेंगे। यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है।

नासिक के 80 कलाकारों का बैंड देगा प्रस्तुति

दरअसल इस बार की रथयात्रा में कई आकर्षक झांकियां शामिल की गई हैं। इनमें भगवान वेंकटेश का क्षीरसागर स्वरूप, हनुमान जी, भगवान जगन्नाथ, गोमाता संरक्षण और रामानुज परंपरा से जुड़ी झांकियां प्रमुख रहेंगी। इन झांकियों के जरिए धार्मिक और सामाजिक संदेश भी दिए जाएंगे। बच्चों की विशेष धार्मिक वेशभूषा और विभिन्न पारंपरिक वाहन भी यात्रा का हिस्सा होंगे। महाराष्ट्र के नासिक से आए लगभग 80 कलाकारों का बैंड पूरे मार्ग में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति देगा। इसके अलावा 21 घोड़ों पर भगवा ध्वज लिए युवा यात्रा की अगुवाई करेंगे। देशभर से आए संत भी विशेष बग्गियों में शामिल होंगे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। महिला श्रद्धालु रथ के आगे झाड़ू लगाकर मार्ग को साफ करते हुए चलेंगी, जबकि हजारों भक्त ‘गोविंदा-गोविंदा’ के जयघोष के साथ भगवान वेंकटेश के रथ को अपने हाथों से खींचेंगे।