डीजल की चोरी की तो अब बचना मुश्किल, फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम करेगा नगर निगम के वाहनों की निगरानी
सरकारी विभागों के वाहनों में भरे जाने वाले डीजल की चोरी की ख़बरें अक्सर सुनने में आती हैं लेकिन अब ये संभव नहीं होगा, शासन अब ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि इसपर पूरी तरह निगरानी रखी जा सकेगी और यदि किसी ने हरकत की तो उसे पकड़ना आसान होगा संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं
सरकारी विभागों के वाहनों में भरे जाने वाले डीजल की चोरी की ख़बरें अक्सर सुनने में आती हैं लेकिन अब ये संभव नहीं होगा, शासन अब ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि इसपर पूरी तरह निगरानी रखी जा सकेगी और यदि किसी ने हरकत की तो उसे पकड़ना आसान होगा
संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक अब नगर निगम के वाहनों में जीपीएस एवं फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाये जायेंगे और इसे ई नगर पालिका 2.0 से लिंक किया जाएगा। जीपीएस एवं फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम नगर निगम के स्वच्छता, जल प्रदाय, अग्निशमन, निर्माण कार्य, सीवरेज और परिवहन जैसे कार्यों में लगे वाहनों में लगाये जायेंगे।
डीजल चोरी पकड़ेगा फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम
संचालनालय के आदेश के बाद ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने भी इस आशय के आदेश कर दिए हैं, उन्होंने बताया कि संचालनालय द्वारा नगर निगम को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि अब सभी निकायों के पात्र वाहनों में जीपीस आधारित वाहन ट्रैकिंग और ईंधन निगरानी प्रणाली फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य कर दिया गया है।
ऐसे काम करेगा पूरा सिस्टम
कमिश्नर संघ प्रिय ने बताया कि इस नई व्यवस्था को ई-नगर पालिका 2.0 इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य वाहनों के संचालन में पारदर्शिता लाना, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए कार्यक्षमता को बढ़ाना है। मॉनिटरिंग सिस्टम लग जाने के बाद ईंधन का स्तर, रिफ्यूलिंग (ईंधन भराना), फ्यूल ड्रेन (ईंधन निकालना) और कुल खपत की सटीक निगरानी हो सकेगी। इस डेटा को ई-नगर पालिका 2.0 के फ्लीट मैनेजमेंट मॉड्यूल से लाइव देखा जा सकेगा।
पहले कई बार हो चुकी हैं डीजल चोरी की घटनाएँ
आपको बता दें ग्वालियर नगर निगम के वाहनों से डीजल चोरी की कई घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में सामने आई हैं जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आये , पूर्ववत कमिश्नर्स ने इसपर एक्शन लेते हुए चोरी में शामिल अधिकारियों कर्मचारियों को दंड भी दिया है लेकिन उम्मीद की जा सकती है कि डीजल की चोरी करना अब आसान नहीं होगा।