डबरा: गर्भवती महिला को समय पर नहीं मिली 108 एंबुलेंस, डायल-112 से पहुंचाना पड़ा अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

डबरा में 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डबरा की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। एक गर्भवती महिला को समय पर 108 एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण उसे गंभीर स्थिति में डायल-112 की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद ही महिला का

Jun 29, 2026 - 17:30
डबरा: गर्भवती महिला को समय पर नहीं मिली 108 एंबुलेंस, डायल-112 से पहुंचाना पड़ा अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

डबरा में 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डबरा की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। एक गर्भवती महिला को समय पर 108 एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण उसे गंभीर स्थिति में डायल-112 की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद ही महिला का उपचार शुरू हो सका। यह घटना डबरा की आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला डबरा क्षेत्र का है। फरियादी जीवलेश जाटव ने इस घटना की जानकारी दी है। परिजनों ने गर्भवती महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई बार 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया। लगातार कॉल करने के बावजूद समय पर एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। महिला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। एंबुलेंस के पहुंचने में हो रही देरी ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी। डबरा में इस तरह की घटना से लोगों में रोष का माहौल है।

गर्भवती महिला के लिए डायल-112 बनी जीवनरक्षक

हालात की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने डायल-112 की टीम को सूचना दी। डायल-112 की टीम ने तत्काल तत्परता दिखाई। टीम ने बिना किसी देरी के महिला को डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। डायल-112 की त्वरित कार्रवाई के कारण ही महिला को समय पर उपचार मिल सका। डबरा सिविल अस्पताल में महिला का इलाज शुरू किया गया। डायल-112 की इस सक्रियता ने एक गंभीर स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

घटना का सबसे गंभीर और चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब मरीज के परिजन डबरा सिविल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर के अंदर ही एक 108 एंबुलेंस खड़ी हुई देखी गई। परिजनों ने देखा कि 108 एंबुलेंस का चालक चैन की नींद सो रहा था। इस दृश्य ने परिजनों को स्तब्ध कर दिया। परिजनों के अनुसार, 108 एंबुलेंस चालकों को न तो मरीजों की जान की परवाह है और न ही उन्हें किसी प्रशासनिक कार्रवाई का कोई डर नजर आता है। डबरा में यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली उठे सवाल

इस घटना ने डबरा के स्वास्थ्य विभाग और 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी डबरा में कई बार एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कई मामलों में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिलने से गंभीर परिणाम सामने आए हैं। डबरा के लोग इन समस्याओं से लंबे समय से जूझ रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डबरा में स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी इन समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। बार-बार शिकायतों और ऐसी घटनाओं के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा है। डबरा की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की यह स्थिति कहीं न कहीं प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर कर रही है। लोगों में इस उदासीनता के प्रति गहरी नाराजगी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि डबरा में इस मामले में जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर अन्य मामलों की तरह इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। डबरा की जनता यह जानने को उत्सुक है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है और उनके खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे। डबरा की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।