स्कूल की छत का प्लास्टर टूट कर बच्ची पर गिरा, उमंग सिंघार का तंज “BJP सरकार की शिक्षा व्यवस्था, तथाकथित सुशासन का मुखौटा गिर गया है”
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के ग्राम हनिफबाद में स्थित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को एक हादसा हो गया, जब स्कूल में कक्षाएं चल रहीं थी तभी के कक्षा एक की छत का प्लास्टर टूट कर गिर पड़ा जिससे नीचे बैठी एक छात्रा घायल हो गई , चोट लगते ही बच्ची रोने लगी अन्य बच्चे
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के ग्राम हनिफबाद में स्थित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को एक हादसा हो गया, जब स्कूल में कक्षाएं चल रहीं थी तभी के कक्षा एक की छत का प्लास्टर टूट कर गिर पड़ा जिससे नीचे बैठी एक छात्रा घायल हो गई , चोट लगते ही बच्ची रोने लगी अन्य बच्चे भी घबरा गए घटना के बाद बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ उस एइलग के बाद घर भेज दिया गया
हरदा के स्कूल की घटना पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा है उन्होंने प्रदेश के जर्जर सरकारी स्कूलों की हालात के लिए सरकार पर निशाना साधा है
उमंग सिंघार ने X पर लिखा- मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मौत का जाल बना दिया है। हरदा जिले के हनीफाबाद में सरकारी स्कूल की जर्जर छत का मलबा पहली कक्षा की मासूम छात्रा के सिर पर गिर गया। यह हादसा नहीं, भाजपा सरकार की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है।
उमंग सिंघार की मांग दोषी निलंबित हो, एफआईआर दर्ज की जाये
सिंघार ने कहा सरकारी स्कूल शिक्षा के मंदिर नहीं, मौत का जाल बन चुके हैं। करोड़ों रुपये प्रचार पर खर्च हो रहे हैं, लेकिन बच्चों को सुरक्षित स्कूल तक नसीब नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो, उन्हें निलंबित किया जाए और घायल छात्रा के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। तंज कसते हुए उमंग सिंघार ने कहा, “याद रखिए मुख्यमंत्री जी, हरदा में सिर्फ एक स्कूल की छत नहीं गिरी है… आपकी शिक्षा व्यवस्था और तथाकथित सुशासन का मुखौटा भी गिर गया है।”
ग्रामीणों ने स्कूल के मेंटेनेंस की मांग की
उधर इस हादसे के बाद बच्चों के परिजन नाराज हैं वे सरकारी अधिकारियों की लापरवाही को लेकर चिंतित हैं, ग्रामीणों का कहना है कि जिले में कई स्कूल ऐसे हैं जो जर्जर हो गए है , स्कूलों का ना तो समय पर मेंटेनेंस होता है और ना ही कोई निगरानी। ग्रामीणों ने घटना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है साथ ही पूरे स्कूल के मेंटेनेंस की मांग की है जिससे भविष्य में कोई ऐसा हादसा ना हो।