MDMA ड्रग्स तस्करी मामले में ED का बड़ा एक्शन, इंदौर-मंदसौर में छापेमारी, हाथ लगे कई अहम सुराग, पढ़ें खबर
70 करोड़ रुपये की करीब 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसते हुए इंदौर और मंदसौर सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया है। इंदौर स्थित ईडी के सब-जोनल कार्यालय द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने कई
70 करोड़ रुपये की करीब 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसते हुए इंदौर और मंदसौर सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया है। इंदौर स्थित ईडी के सब-जोनल कार्यालय द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं, जो इस बड़े ड्रग्स रैकेट के वित्तीय नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह कार्रवाई देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एजेंसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से अपराध से अर्जित आय पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ईडी ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा मामला 70 किलोग्राम एमडीएमए ड्रग्स की तस्करी से संबंधित है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई एक विस्तृत एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। उस एफआईआर में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की धारा 8 और 22 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। एजेंसी का मानना है कि इस ड्रग्स तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसके वित्तीय पहलुओं की पड़ताल करना आवश्यक था।
फरार आरोपी की तलाश में कई राज्यों में सक्रिय रही ईडी की टीमें
जांच के शुरुआती दौर में ही यह सामने आया था कि इस पूरे मामले का एक प्रमुख आरोपी अपने ज्ञात ठिकानों से फरार चल रहा था। प्रवर्तन निदेशालय ने इस फरार आरोपी का पता लगाने के लिए अपनी खुफिया सूचनाओं और आधुनिक जांच तकनीकों का सहारा लिया। कई दिनों तक ईडी की टीमें हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर जैसे शहरों में उसकी गतिविधियों पर लगातार सघन निगरानी रख रही थीं। लगातार निगरानी और सूचना संकलन के बाद, आरोपी को इंदौर के ही एक अज्ञात ठिकाने पर तलाश लिया गया। आरोपी के ठिकानों की पुष्टि होते ही ईडी ने बिना देरी किए व्यापक तलाशी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे ड्रग्स तस्करी के वित्तीय पहलुओं की जांच को नई दिशा मिली और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सके।
ED के हाथ लगे कई महत्वपूर्ण सबूत
तलाशी अभियान के दौरान ईडी की टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और आरोपियों की संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़ी विस्तृत जानकारी हाथ लगी है। इन जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक जांच से डिजिटल साक्ष्यों में छिपी महत्वपूर्ण जानकारियों को निकालने में मदद मिलेगी। ईडी अब इन साक्ष्यों के आधार पर अपराध से अर्जित आय के सटीक स्रोतों का पता लगाने, मनी ट्रेल की गहराई से जांच करने और इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे दायरे का विस्तृत आकलन करने में जुट गई है। एजेंसी का मुख्य ध्यान यह पता लगाने पर है कि ड्रग्स तस्करी से प्राप्त अवैध धन को किस प्रकार वैध बनाने का प्रयास किया गया और इस धन का निवेश कहां-कहां किया गया।
कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर एक बैंक लॉकर होने की अहम जानकारी भी सामने आई है। इस लॉकर से भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है और इसकी अलग से तलाशी एवं जब्ती की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। ईडी यह मानकर चल रही है कि इस लॉकर में भी अपराध से अर्जित धन या उससे संबंधित दस्तावेज हो सकते हैं, जिससे इस वित्तीय अनियमितता के जाल को समझने में और मदद मिलेगी।
ED के निशाने पर ड्रग्स तस्करी का पूरा वित्तीय नेटवर्क
तलाशी में मिले इन पुख्ता साक्ष्यों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े पूरे वित्तीय नेटवर्क, आरोपियों की बेनामी संपत्तियों और इस रैकेट से जुड़े अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की प्रबल संभावना है। एजेंसी अब इस मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका और अपराध से अर्जित धन के लेन-देन से संबंधित सभी वित्तीय पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय का लक्ष्य इस ड्रग्स तस्करी के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करना और इसमें शामिल हर व्यक्ति को कानून के कटघरे में लाना है, ताकि देश में मादक पदार्थों के व्यापार पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने लगभग 70 करोड़ रुपये मूल्य के 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) मादक पदार्थ की कथित तस्करी से संबंधित जांच के सिलसिले में मध्य प्रदेश के इंदौर एवं मंदसौर स्थित विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अनेक… pic.twitter.com/BGgLjxaJK0
— ED (@dir_ed) July 17, 2026