MP की शादी सहायता योजना में 30 करोड़ का फर्जीवाड़ा, सिरोंज जनपद के पूर्व CEO शोभित त्रिपाठी गिरफ्तार; 9 सितंबर तक ED की कस्टडी

भोपाल। मध्य प्रदेश की शादी सहायता योजना में करीब 30 करोड़ रुपये के कथित फर्जी भुगतान के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर को PMLA की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया। 3 सितंबर को भोपाल की PMLA […]

Sep 5, 2026 - 10:30
MP की शादी सहायता योजना में 30 करोड़ का फर्जीवाड़ा, सिरोंज जनपद के पूर्व CEO शोभित त्रिपाठी गिरफ्तार; 9 सितंबर तक ED की कस्टडी

भोपाल। मध्य प्रदेश की शादी सहायता योजना में करीब 30 करोड़ रुपये के कथित फर्जी भुगतान के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर को PMLA की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया। 3 सितंबर को भोपाल की PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें 9 सितंबर तक ED की कस्टडी में भेज दिया।

मामले की जांच भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की FIR के आधार पर शुरू हुई थी। जांच उस सरकारी योजना में हुए भुगतान से जुड़ी है, जिसके तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों की शादी के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी।

2019 से 2021 के बीच 30.18 करोड़ के भुगतान पर सवाल

ED के मुताबिक, शोभित त्रिपाठी वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच सिरोंज जनपद पंचायत में CEO के पद पर थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर संदिग्ध शादी सहायता मामलों में सरकारी खजाने से करीब 30.18 करोड़ की राशि मंजूर कर जारी की।

जांच एजेंसी का आरोप है कि योजना से पैसा निकालने के लिए फर्जी और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। गलत पहचान और दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोले गए या दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों में सरकारी राशि पहुंचने के बाद कई मामलों में पैसा नकद निकाल लिया गया।

अपात्र लोगों को भी लाभ देने का आरोप

ED की जांच में योजना का लाभ ऐसे लोगों तक पहुंचाने की बात भी सामने आई है, जो इसके लिए पात्र नहीं थे। कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी कई संदिग्ध मामलों में शादी सहायता की राशि जारी किए जाने की जांच की जा रही है।

इस मामले में ED ने 3 अक्टूबर 2025 को छापेमारी भी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए थे।

30 करोड़ कहां गए, अब इसकी पड़ताल

शोभित त्रिपाठी को कस्टडी में लेने के बाद ED अब कथित फर्जी भुगतान और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। सरकारी फंड से जारी रकम आखिर किन खातों में पहुंची, उसे किस तरह निकाला गया और पूरे मामले में अन्य किन लोगों की भूमिका रही, इन पहलुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।