स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 शुरू, इंदौर को फिर देपालपुर के साथ सुपर स्वच्छ जोड़ी में अव्वल रहने की चुनौती

इंदौर में शनिवार से स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस बार मुकाबला और भी कठिन है क्योंकि देश के कुल 4909 शहर इसमें शामिल हैं। इंदौर को इस बार सुपर स्वच्छ जोड़ी के तहत देपालपुर के साथ जोड़ा गया है, और दोनों शहरों का संयुक्त मूल्यांकन किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में

May 23, 2026 - 09:30
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 शुरू, इंदौर को फिर देपालपुर के साथ सुपर स्वच्छ जोड़ी में अव्वल रहने की चुनौती

इंदौर में शनिवार से स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस बार मुकाबला और भी कठिन है क्योंकि देश के कुल 4909 शहर इसमें शामिल हैं। इंदौर को इस बार सुपर स्वच्छ जोड़ी के तहत देपालपुर के साथ जोड़ा गया है, और दोनों शहरों का संयुक्त मूल्यांकन किया जाएगा।

इस सर्वेक्षण में शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, बाजारों की स्थिति, पर्यटन स्थल, शैक्षणिक संस्थान और ट्रांसपोर्ट सिस्टम की गहन जांच की जाएगी। टीम 31 मई तक लगातार निरीक्षण करेगी।

सुपर स्वच्छ जोड़ी में इंदौर-देपालपुर की चुनौती

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में इस बार सबसे खास बदलाव “सुपर स्वच्छ जोड़ी” मॉडल है, जिसमें इंदौर का मूल्यांकन देपालपुर के साथ किया जा रहा है। यह मॉडल पिछले वर्षों के टॉप परफॉर्मिंग शहरों को एक साथ जोड़कर उनकी संयुक्त रैंकिंग तय करता है।

इंदौर का मुकाबला इस बार सीधे तौर पर सूरत, अहमदाबाद और नवी मुंबई जैसे शहरों से है। इन शहरों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि कौन “सुपर स्वच्छ लीग” में शीर्ष पर रहेगा। इस नई व्यवस्था का मकसद सिर्फ साफ-सफाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्रीय विकास और कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना भी है।

12500 अंकों का बड़ा सिस्टम

इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण का पूरा मूल्यांकन 12500 अंकों पर आधारित है। इंदौर पहले ही वाटर प्लस और सेवर स्टार सर्टिफिकेशन के तहत 2000 अंक हासिल कर चुका है, लेकिन अब बाकी 10500 अंकों की असली परीक्षा बाकी है।

टीमें शहर के हर हिस्से का निरीक्षण करेंगी चाहे वह आवासीय क्षेत्र हों, बाजार हों या फिर कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दिया जा रहा है या नहीं। इसके अलावा 13 प्रोसेसिंग यूनिट्स और 12 आरआरआर सेंटरों की भी बारीकी से जांच होगी।

सिटीजन फीडबैक में इंदौर देश में नंबर 1

इस बार सबसे बड़ी उपलब्धि इंदौर के लिए सिटीजन फीडबैक में देखने को मिली है। कुछ ही हफ्तों में इंदौर ने जबरदस्त छलांग लगाते हुए देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

जहां पहले सिर्फ 31 हजार फीडबैक थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 7 लाख 46 हजार तक पहुंच गई है। यह दिखाता है कि शहर के लोग स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के लिए 500 अंक तय हैं, जो अंतिम रैंकिंग में बड़ा असर डाल सकते हैं।

शहरवासियों के लिए सख्त चेतावनी

नगर निगम ने साफ कर दिया है कि इस बार लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खुले में कचरा फेंकने या शौच करने पर भारी अंक कटौती होगी। खुले में शौच पर 400 अंक तक कट सकते हैं और कचरा फेंकने पर 100 अंक की कटौती तय है। यानी एक छोटी गलती भी शहर की रैंकिंग को प्रभावित कर सकती है। इसी कारण प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है ताकि नागरिक नियमों का पालन करें।

इंदौर की स्वच्छता यात्रा और भविष्य की चुनौती

इंदौर पिछले सात वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा है, लेकिन इस बार चुनौती पहले से ज्यादा कठिन है। सुपर स्वच्छ लीग में बने रहने के लिए शहर को लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना होगा।

प्रशासन का फोकस अब केवल रैंकिंग पर नहीं, बल्कि स्थायी स्वच्छता मॉडल बनाने पर है। कचरा पृथक्करण, रिसाइक्लिंग और स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट को और मजबूत किया जा रहा है।