ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा- हर घर के बजट पर पड़ रहा इसका असर
केंद्र सरकार देशवासियों को ‘धीमा जहर’ दे रही है, यह आरोप किसी और ने नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लगाया है। पिछले 10-15 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में तीसरी बार बढ़ोत्तरी होने के बाद केजरीवाल ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा है।
केंद्र सरकार देशवासियों को ‘धीमा जहर’ दे रही है, यह आरोप किसी और ने नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लगाया है। पिछले 10-15 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में तीसरी बार बढ़ोत्तरी होने के बाद केजरीवाल ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा है। उनका साफ कहना है कि इन लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल 4-5 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है, वहीं गैस सिलेंडर के दाम भी आसमान छू रहे हैं, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है।
जानकारों का मानना है कि भले ही ये बढ़ोतरी छोटी-छोटी लग रही हो, लेकिन इसका सीधा असर हर घर के बजट पर पड़ रहा है। लोग इतने डरे और सदमे में हैं कि उन्हें यह नहीं पता कि सरकार आने वाले दिनों में कीमतें और कितनी बढ़ाने वाली है। चारों तरफ अफवाहें उड़ रही हैं कि पेट्रोल 150 रुपए तक पहुंच जाएगा, लेकिन सरकार इस बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है, जिससे जनता में और भी ज्यादा बेचैनी फैल रही है।
पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर भी केजरीवाल ने उठाए सवाल
केजरीवाल ने सिर्फ बढ़ती कीमतों पर ही चिंता नहीं जताई, बल्कि देश भर में पेट्रोल, गैस और डीजल की किल्लत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि गुजरात से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं जहां पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं और डीजल नहीं मिल रहा है। कई जगहों पर तो लोगों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लोग गैस सिलेंडर भरवाने के लिए रात-रात भर सड़कों पर मच्छरदानी लगाकर सोने को मजबूर हैं। महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा जैसे इलाकों में भी पेट्रोल और डीजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। देश के लोग सरकार से जानना चाहते हैं कि आखिर आने वाले दिनों में स्थिति कितनी खराब होने वाली है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए है।
सबसे बड़ा सवाल जो केजरीवाल ने उठाया है, वह रूस और ईरान से सस्ते तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर है। उन्होंने साफ कहा कि रूस और ईरान दोनों ही भारत को सस्ते दामों पर तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत सरकार इसे लेने को राजी नहीं है। यह बात समझ से परे है कि जब देश में ईंधन संकट गहरा रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं, तब सरकार सस्ते विकल्प को क्यों ठुकरा रही है।
इस पूरे मुद्दे पर केजरीवाल ने देशवासियों से किया संवाद
अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मुद्दे पर देशवासियों से सीधा संवाद किया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि ईरान और रूस से सस्ता तेल और गैस खरीदना चाहिए या नहीं, इस पर देशवासी अपनी राय कमेंट या डायरेक्ट मैसेज करके बताएं। उनका कहना है कि यह देश किसी नेता या किसी पार्टी का नहीं है, बल्कि 140 करोड़ लोगों का है। अगर हम सब मिलकर आवाज उठाएंगे तो सरकार को इस देश के लोगों की बात सुननी ही पड़ेगी। यह एक ऐसा मुद्दा है जो सीधे तौर पर हर भारतीय की जेब और जीवन को प्रभावित कर रहा है, और सरकार की चुप्पी इस संकट को और गहरा रही है। ऐसे में जनता का मत जानना और उस पर अमल करना बेहद जरूरी हो जाता है।