CBI करेगी त्विशा शर्मा मौत के मामले की जांच, सीएम डॉ. मोहन यादव की सहमति के बाद गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
भोपाल के बहुचर्चित त्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहमति के बाद मध्यप्रदेश गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक 12 मई को बाग मुगालिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स में हुई त्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले को सीबीआई को
भोपाल के बहुचर्चित त्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहमति के बाद मध्यप्रदेश गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक 12 मई को बाग मुगालिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स में हुई त्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले को सीबीआई को हस्तांतरित किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
20 मई को मृतका के परिजनों ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था और कहा था कि राज्य सरकार इस प्रकरण में हरसंभव सहायता करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि मामले की जांच के लिए सीबीआई को पत्र लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि दोबारा पोस्टमॉर्टम को लेकर अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा, लेकिन यदि परिजन चाहें तो पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सीबीआई करेगी त्विशा शर्मा केस की जांच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्विशा शर्मा की मौत की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI को मामला सौंपने की सहमति प्रदान कर दी है। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, थाना कटारा हिल्स में दर्ज अपराध क्रमांक 133/2026 अब CBI को हस्तांतरित किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
त्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना तथा मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही त्विशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मामले ने तूल पकड़ने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही थी। इधर मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इससे पहले भोपाल जिला अदालत उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। समर्थ सिंह फ़िलहाल फरार हैं।