डीएवीवी हॉस्टल में तोड़फोड़ मामले में बड़ा अपडेट, उत्पात मचाने वाले 18 छात्र चिन्हित, सख्त कार्रवाई की तैयारी
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के एक छात्र हॉस्टल में हुई गंभीर तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाने का फैसला कर लिया है। दरअसल इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने अपनी जांच तेज कर दी है और अब तक 18 छात्रों की पहचान कर ली
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के एक छात्र हॉस्टल में हुई गंभीर तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाने का फैसला कर लिया है। दरअसल इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने अपनी जांच तेज कर दी है और अब तक 18 छात्रों की पहचान कर ली गई है, जिन्होंने हॉस्टल परिसर में हंगामा मचाया था। शेष उपद्रवी छात्रों की पहचान का काम भी तेजी से जारी है, जिसके बाद सभी संबंधित छात्रों को एक साथ नोटिस जारी किए जाएंगे और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल विश्वविद्यालय के आईईटी विभाग के रामानुजन बॉयस हॉस्टल बी में पिछले दिनों फाइनल ईयर के छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया था, जिसने पूरे विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासनहीनता का एक गंभीर उदाहरण पेश किया। छात्रों ने अर्धनग्न होकर ‘दारू बदनाम कर दी’ गाने पर नृत्य किया और उसके बाद हॉस्टल की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान उन्होंने हॉस्टल की कुर्सियों, मेजों, खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए, यहां तक कि प्लास्टिक की पानी की टंकी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ, जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर किया और परिसर में अनुशासन बनाए रखने की चुनौती सामने ला दी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आया
वहीं वायरल वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और उन्होंने इस गंभीर विषय पर गंभीरता से विचार किया। अनुशासन समिति ने इस मामले पर एक आपातकालीन बैठक आयोजित की थी, जिसमें छात्रों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। समिति ने प्रत्येक छात्र पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाने, अंतिम परीक्षाओं में बैठने से वंचित रखने और उनके परीक्षा परिणामों को रोकने जैसे कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। फिलहाल, अंतिम वर्ष के छात्रों को उनकी आखिरी परीक्षा देने से रोका गया है, जिनकी परीक्षाएं विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही कराई जाएंगी।
प्रत्येक से 25 हजार रुपए की पेनल्टी भरवाई जाएगी
दरअसल आईईटी के डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हॉस्टल में तोड़फोड़ करने वाले 18 छात्रों की पहचान हो चुकी है। अन्य छात्रों को भी चिन्हित करने का कार्य प्रगति पर है और इस प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरती जा रही है। डॉ. बंसल ने स्पष्ट किया कि सभी छात्रों की पहचान होते ही उन्हें एक साथ नोटिस जारी किए जाएंगे और प्रत्येक से 25 हजार रुपए की पेनल्टी भरवाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना के बाद अभी तक किसी भी छात्र के अभिभावक विश्वविद्यालय प्रबंधन से मिलने नहीं आए हैं, जो चिंता का विषय है।
इन छात्रों पर नहीं होगी कार्रवाई
वहीं डॉ. बंसल ने अनुमान व्यक्त किया कि शेष छात्रों की पहचान करने में अभी दो से तीन दिन का समय और लग सकता है। इसका कारण यह है कि वायरल वीडियो में कई छात्र केवल खड़े दिखाई दे रहे हैं या नृत्य कर रहे हैं, जबकि कुछ ही सीधे तौर पर तोड़फोड़ की गतिविधियों में शामिल थे। प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि केवल उन्हीं छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी जो सीधे तौर पर तोड़फोड़ की गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे और जिनके खिलाफ पुख्ता सबूत होंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि इस हॉस्टल में लगभग 150 छात्र निवास करते हैं, जिससे यह घटना एक बड़े समूह में हुई अनुशासनहीनता का प्रतीक बनती है। विश्वविद्यालय प्रबंधन इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।