राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का तीखा पलटवार, बोले- घुसपैठियों को संरक्षण देना ‘गद्दारी’

अभी राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देशद्रोही करार देने वाला बयान सियासी गलियारों में पूरी तरह ठंडा भी नहीं पड़ा था कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता पर करारा पलटवार कर दिया। गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार

May 21, 2026 - 20:30
राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का तीखा पलटवार, बोले- घुसपैठियों को संरक्षण देना ‘गद्दारी’

अभी राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देशद्रोही करार देने वाला बयान सियासी गलियारों में पूरी तरह ठंडा भी नहीं पड़ा था कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता पर करारा पलटवार कर दिया। गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार जिस तरह से घुसपैठियों को संरक्षण प्रदान करते हैं, वह वास्तव में देश के प्रति गद्दारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया पांच देशों की सफल यात्राओं के ठोस परिणामों को गिनाते हुए राहुल गांधी की नकारात्मक मानसिकता पर भी तीखा प्रहार किया।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोयल ने विस्तार से बताया कि प्रधानमंत्री मोदी यूएई, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और इटली के दौरे से खाली हाथ नहीं लौटे हैं, बल्कि भारत के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ ठोस लेकर आए हैं। चाहे वह देश की ऊर्जा सुरक्षा को अभेद्य बनाना हो, रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना हो, विदेशी निवेश को आकर्षित कर देश की अर्थव्यवस्था को गति देनी हो, या फिर निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हो, प्रधानमंत्री की हर विदेश यात्रा ने विभिन्न क्षेत्रों में बड़े और लाभकारी परिणाम दिए हैं। मोदी भारत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिला रहे हैं, यह उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है।

नकारात्मक मानसिकता से ग्रस्त राहुल गांधी: केंद्रीय मंत्री गोयल

उन्होंने गर्व के साथ बताया कि अपने पांच दिवसीय विदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री को तीन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। एक तरफ तो पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी पर अपार विश्वास व्यक्त करती है, उन्हें एक वैश्विक नेता के रूप में देखती है, वहीं दूसरी तरफ नकारात्मक मानसिकता से ग्रस्त राहुल गांधी अपने शब्दों और ओछी भाषा के माध्यम से बार-बार अपना असली स्वभाव और चरित्र उजागर करते रहते हैं। गोयल ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर बेहद घटिया भाषा में अपशब्दों का प्रयोग करने को वास्तव में निंदनीय करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे बयान सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के सर्वोच्च पद का अपमान हैं।

क्या आतंकवाद की कमर तोड़ना गद्दारी?- पीयूष गोयल

गोयल ने सीधे सवाल दागते हुए पूछा, ‘मुझे बताइए, क्या नक्सलवाद का अंत करना, उसकी कमर तोड़ना देशद्रोह का कार्य है, या कांग्रेस शासन के दौरान वर्षों तक नक्सलवाद को पोषित कर देश को खोखला होने देना ही असली गद्दारी थी?’ उन्होंने आगे कहा, ‘क्या हम तिरंगे की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों को गद्दारी कहेंगे, या फिर उस व्यक्ति को गद्दार मानेंगे जो केवल भारत के तिरंगे का अपमान करने के लिए विदेश यात्रा पर निकलता है?’ इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मंत्री ने तीखे लहजे में पूछा, ‘क्या आतंकवाद की कमर तोड़ना, उसे मुंहतोड़ जवाब देना गद्दारी समझा जाएगा, या आतंकवादियों को बिरयानी खिलाना और उनसे समझौता करना ही सच्ची गद्दारी कहलाएगी?’ गोयल ने अटल विश्वास के साथ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सुरक्षित रखा है, देश की आन-बान-शान बढ़ाई है, जो उनकी सच्ची देशभक्ति का अकाट्य प्रमाण है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का घुसपैठियों को संरक्षण प्रदान करना किसी भी सूरत में देशभक्ति नहीं, बल्कि सरासर गद्दारी है।

दरअसल, यह पूरा मामला बुधवार को राहुल गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित अपने लोकसभा क्षेत्र में दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला करते हुए उन्हें देशद्रोही कहा था। गोयल ने राहुल के इस बयान पर तंज कसते हुए कहा, ‘गालियां कमजोरों का हथियार होती हैं। स्पष्ट रूप से, अब देश राहुल गांधी और गांधी परिवार की कमजोरियों के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी की विफलताओं को भी बखूबी देख रहा है।’ उन्होंने अंत में रेखांकित किया कि देश के लोग यह भी प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है और इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।