बकरीद से पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल की चेतावनी, कहा – ‘बंगाल में रहना है तो नियमों को मानना पड़ेगा, नहीं तो….’

पश्चिम बंगाल में बकरीद पर कुर्बानी और गोवंश वध को लेकर राजनीति गरमा गई है। दरअसल इस बीच राज्य सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने अब सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि बंगाल में रहने वालों को नियमों का पालन करना ही होगा। उन्होंने बिना लाग-लपेट के हुमायूं कबीर को सीधी

May 23, 2026 - 19:30
बकरीद से पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल की चेतावनी, कहा – ‘बंगाल में रहना है तो नियमों को मानना पड़ेगा, नहीं तो….’

पश्चिम बंगाल में बकरीद पर कुर्बानी और गोवंश वध को लेकर राजनीति गरमा गई है। दरअसल इस बीच राज्य सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने अब सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि बंगाल में रहने वालों को नियमों का पालन करना ही होगा। उन्होंने बिना लाग-लपेट के हुमायूं कबीर को सीधी चेतावनी भी दे डाली, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

दरअसल महिला एवं बाल कल्याण तथा शहरी विकास राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पशु कुर्बानी, विशेषकर गोवंश वध पर राज्य के कड़े कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि जो इन नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि चौदह वर्ष से कम उम्र की किसी भी गाय या गोवंश परिवार के जानवर का वध नहीं किया जा सकता।

पिछली सरकार के समय से ही लागू था यह कानून

वहीं अग्निमित्रा पॉल ने यह भी जोड़ा कि यह नियम अन्य राज्यों में या तो नहीं है या कम सख्त है, लेकिन पश्चिम बंगाल में यह कानून पिछली सरकार के समय से ही लागू था, जिसे वोट बैंक की राजनीति के कारण प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया था। मंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार अब इस कानून को सख्ती से लागू करेगी और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा और हर किसी को उसका सम्मान करना होगा, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।

अग्निमित्रा पॉल ने नियमों के पालन पर जोर दिया

एक ओर जहां मंत्री ने नियमों के पालन पर जोर दिया, वहीं उन्होंने राज्य में आगामी मानसून की तैयारियों पर भी विस्तार से जानकारी दी। अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि हमें 8 जून के आसपास मानसून आने का पूर्वानुमान मिला है, हालांकि तारीख में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन हम 8 जून को ही आधार मानकर अपनी कार्ययोजना आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास अभी अठारह दिन बचे हैं और हमने सभी प्रशासनिक विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई है ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी हो जाएं। इस बैठक में पेयजल, ड्रेनेज, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा की गई है।

जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए: अग्निमित्रा पॉल

दरअसल अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोलकाता, आसनसोल समेत पूरे बंगाल में कहीं भी जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मानसून से पहले सभी आवश्यक कदम उठाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नियमों का पालन सिर्फ त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि हर नागरिक सुविधा और सुरक्षा के संबंध में भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इस दौरान मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने हुमायूं कबीर को सीधे संबोधित करते हुए सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हुमायूं कबीर, अगर आपको बंगाल में रहना है तो आपको बंगाल के नियमों का पालन करना होगा। अगर आपको भारत में रहना है, तो आपको यहां के नियमों का पालन करना ही होगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में आगामी बकरीद को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच तनाव की आशंका बनी हुई है और सरकार नियमों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर रही है। पॉल के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि वर्तमान सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।