नीमच में बिजली कटौती पर बवाल, विद्युत विभाग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क पर उतरकर जताया विरोध
मध्य प्रदेश के नीमच जिले में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आज नीमच के कनावटी मेन रोड पर ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग के खिलाफ सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने मेन रोड पर चक्काजाम कर दिया और विद्युत
मध्य प्रदेश के नीमच जिले में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आज नीमच के कनावटी मेन रोड पर ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग के खिलाफ सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने मेन रोड पर चक्काजाम कर दिया और विद्युत विभाग की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय लगातार घंटों तक बिजली काटी जा रही है, जिससे भीषण गर्मी में जीना मुहाल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रात भर बिना बिजली के तपती गर्मी में जागना पड़ रहा है। लगातार पसीने और उमस से बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है, वहीं छोटे बच्चे रात भर नींद न आने से परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी समस्या को अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ और उनकी आवाज को अनसुना किया गया, तब मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन का यह रास्ता अपनाना पड़ा। उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी और रात की अघोषित कटौती बंद नहीं होगी, तब तक वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
बिजली विभाग की मनमानी से ग्रामीणों में भारी नाराजगी
सड़क पर उतरकर मोर्चा खोलने वाले ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि बिजली विभाग की यह मनमानी बर्दाश्त से बाहर है। रात के वक्त बिजली गुल होने से जहां एक ओर घरों में अंधेरा रहता है, वहीं दूसरी ओर पानी की समस्या भी गहराने लगती है क्योंकि बिजली न होने से मोटरें नहीं चल पातीं। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद विभाग के कर्मचारी समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं। इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन ने ग्रामीणों को दिया बिजली सुधार का आश्वासन
चक्काजाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करने और जाम खुलवाने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों को जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें ठोस कार्रवाई और नियमित बिजली आपूर्ति चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बिजली विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाता है या नीमच के ग्रामीणों को फिर से अंधेरे और गर्मी भरी रातें गुजारने पर मजबूर होना पड़ेगा। यह मामला स्थानीय स्तर पर एक गंभीर चुनौती बन गया है, जहां जनता और विभाग के बीच विश्वास की खाई बढ़ती जा रही है। व्यवस्था में सुधार लाने की जिम्मेदारी अब प्रशासन और बिजली विभाग पर है, वरना जनता का गुस्सा और भी विकराल रूप ले सकता है।