राहुल गांधी के PM आवास मार्च पर कंगना रनौत का सवाल, बोलीं- जंतर-मंतर छोड़ प्रधानमंत्री आवास क्यों जाना चाहते थे?

दिल्ली में नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश पर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब

Jul 22, 2026 - 15:30
राहुल गांधी के PM आवास मार्च पर कंगना रनौत का सवाल, बोलीं- जंतर-मंतर छोड़ प्रधानमंत्री आवास क्यों जाना चाहते थे?

दिल्ली में नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश पर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर तय था, तब प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने की जरूरत क्यों पड़ी। कंगना ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

कंगना रनौत ने राहुल गांधी से क्या पूछा?

मीडिया से बातचीत में कंगना रनौत ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय है। उनके मुताबिक, अगर प्रदर्शन जंतर-मंतर पर तय था तो वहां से प्रधानमंत्री आवास तक जाने की कोशिश क्यों की गई।

कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं और उनके इस्तीफे की मांग का कोई आधार नहीं है। कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई।

Video Courtesy: PTI

नीट पेपर लीक विरोध और बढ़ी राजनीतिक टकराहट

नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को संसद और जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

वहीं सरकार और भाजपा नेताओं का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सरकार का यह भी कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक दायरे में रहकर होने चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।

फिलहाल कंगना रनौत के बयान के बाद यह विवाद और चर्चा में आ गया है। एक तरफ विपक्ष छात्रों के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है, तो दूसरी तरफ भाजपा विरोध प्रदर्शन के तरीके और सुरक्षा पहलुओं पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है।