मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने खाद की बिक्री पर लगाई रोक, आदेश जारी

एक ओर मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर खाद की किल्लत ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे हालात में राज्य सरकार के एक और फैसले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी

Aug 15, 2026 - 19:30
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने खाद की बिक्री पर लगाई रोक, आदेश जारी

एक ओर मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर खाद की किल्लत ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे हालात में राज्य सरकार के एक और फैसले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। इस फैसले का सीधा असर राज्य के लाखों किसानों पर पड़ सकता है।

बता दें कि सरकार ने खाद की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला ऐसे समय में लिया है, जब खरीफ फसलों की बोवनी के बाद अब कई क्षेत्रों में फसलों को यूरिया और अन्य उर्वरकों की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में खाद बिक्री पर रोक के फैसले से किसानों की चिंता बढ़ सकती है।

सरकार ने क्यों लगाई खाद बिक्री पर रोक?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के FMS पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाना है। इसी के मद्देनजर 14 अगस्त 2026 की शाम 7 बजे से प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री आगामी आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिक्री बंद रहने की अवधि के दौरान विपणन संघ के सभी विक्रय केंद्रों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो के विक्रय केंद्रों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों से किसी भी प्रकार के अनुदानित उर्वरकों की बिक्री नहीं की जाएगी। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

बता दें कि सरकार ने इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी कलेक्टरों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरक बिक्री पर लगी रोक का प्रभावी ढंग से पालन कराने के साथ ही स्टॉक मिलान की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि उर्वरक स्टॉक के मिलान की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी और बिक्री दोबारा कब शुरू की जाएगी? इसे लेकर फिलहाल सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया या आदेश नहीं आया है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।