श्रमिकों के बच्चों को हर महीने मिलेंगे 7500 रुपए , MP सरकार ला रही नई स्कॉलरशिप योजना, जानें कैसे मिलेगा लाभ
मध्य प्रदेश में रहने वाले श्रमिकों के बच्चों का अच्छी पढ़ाई करने का सपना अब सरकार पूरा करने जा रही है। इन बच्चों की सुविधा के लिए बहुत जल्द एक नई स्कॉलरशिप योजना श्री मेधा छात्र उन्नयन शुरू की जाने वाली है। इस योजना के तहत छात्रों को कई तरह की सुविधाएं मिलने वाली है। […]
मध्य प्रदेश में रहने वाले श्रमिकों के बच्चों का अच्छी पढ़ाई करने का सपना अब सरकार पूरा करने जा रही है। इन बच्चों की सुविधा के लिए बहुत जल्द एक नई स्कॉलरशिप योजना श्री मेधा छात्र उन्नयन शुरू की जाने वाली है। इस योजना के तहत छात्रों को कई तरह की सुविधाएं मिलने वाली है।
इस सरकारी योजना के तहत जिन भी बच्चों का सिलेक्शन होगा। उन्हें सरकार की तरफ से हर महीने 7500 रुपए की मदद दी जाएगी। इसके जरिए NEET, JEE और CLAT जैसी एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को काफी मदद मिलेगी। पहले चरण में 600 बच्चों को इस योजना का लाभ मिलने वाला है। योजना का ड्राफ्ट तैयार है और सरकार इसे इसी साल लागू करने की तैयारी कर रही है।
मध्य प्रदेश पहला राज्य
इस बारे में जानकारी देते हुए मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जो इस तरह की योजना लेकर आ रहा है। 11 और 12 सितंबर को मुंबई में नेशनल लेवल की बैठक रखी गई है। जहां इस बारे में जानकारी दी जाएगी। अगर किसी अन्य राज्य में इस तरह की प्रैक्टिस सामने आती है तो वहां के मॉडल को समझ कर आदान प्रदान किया जाएगा। बैठक में श्रमिक और उनके परिजनों की मदद के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
किसे मिलेगा श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना का लाभ
जानकारी के मुताबिक पहले चरण में 600 बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाने वाला है। इनमें से 500 बच्चे सन्निर्माण बोर्ड से और 100 बच्चे श्रमिक कल्याण बोर्ड से लिए जाएंगे। ट्रायल के तौर पर शुरू किए जा रहे इस प्रयोग का नतीजा अगर अच्छा आता है तो आने वाले समय में छात्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
कैसे किया जाएगा चयन
इस योजना के लिए हर साल 500 से ज्यादा बच्चों का चयन किया जाएगा। एमपी बोर्ड और सीबीएसई के छात्रों की संयुक्त मेरिट पर आधारित होने वाले इस चयन में 20% सीट छात्राओं के लिए आरक्षित की गई है। सामान्य जिलों से 15 विद्यार्थी और इंदौर, ग्वालियर, भोपाल जबलपुर जैसे जिलों से 40-40 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एक श्रमिक के अधिकतम दो बच्चों को योजना का पात्र माना जाएगा। जिन बच्चों को पहले से कोई और छात्रवृत्ति मिल रही है उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
क्या है पात्रता के नियम
इस योजना का लाभ हर बच्चे को नहीं मिलेगा। यह केवल उन लोगों के लिए है जिनके माता-पिता मंडल में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं। नए पंजीकरण वाले श्रमिकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा इसके लिए पंजीयन कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए और श्रमिक के रूप में 90 दिन काम किया जाना भी जरूरी है। जो बच्चे इस योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं उनकी उम्र 14 से 19 साल के बीच होनी चाहिए। उनका मध्य प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई का नियमित छात्र होना। वहीं दसवीं में कम से कम 80% अंक लाना अनिवार्य है। चयन होने के बाद जिन बच्चों को 12वीं में कम से कम 75% अंक प्राप्त होंगे उन्हें ही आगे योजना का लाभ मिलेगा।
कैसे करें आवेदन
इस योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकेगा। किसी भी तरह से ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। मंडल के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की तारीख जारी की जाएगी। 1 साल पूरा होने के बाद भी अगर हर साल योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
लगेंगे ये दस्तावेज
आवेदन करने वाले छात्रों के पास कक्षा की अंक सूची, अपार आईडी, केवाईसी वाली समग्र आईडी, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी होना जरूरी है। इसी के साथ अभिभावकों के श्रमिक दस्तावेजों में ई केवाईसी वाली समग्र आईडी, निर्धारित शपथ पत्र और बैंक पासबुक उपलब्ध होना जरूरी है।
कितने श्रमिक पंजीकृत
मध्य प्रदेश के श्रमिक पोर्टल पर 16 लाख से ज्यादा श्रमिक पंजीकृत है। इनमें से सबसे ज्यादा सिंगरौली में 85886, भिंड में 70160, जबलपुर में 67525 और ग्वालियर में 66115 श्रमिक पंजीकृत हैं। इस तरह से योजना का लाभ कई लोगों तक पहुंचेगा।