केंद्र का फैसला: MP में अब नॉमिनी भी बेच सकेंगे मूंग-उड़द, E-KYC व बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी, किसान के खाते में आएगा पैसा

मध्य प्रदेश के मूंग और उड़द उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में अहम निर्णय लिया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मूल्य समर्थन योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के दौरान आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन फेल होने वाले मामलों में विशेष छूट देने

Aug 4, 2026 - 16:30
केंद्र का फैसला: MP में अब नॉमिनी भी बेच सकेंगे मूंग-उड़द, E-KYC व बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी, किसान के खाते में आएगा पैसा

मध्य प्रदेश के मूंग और उड़द उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में अहम निर्णय लिया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मूल्य समर्थन योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के दौरान आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन फेल होने वाले मामलों में विशेष छूट देने का फैसला किया है।

इसके तहत किसान अपनी उपज नामित प्रतिनिधि (नॉमिनी) के माध्यम से भी बेच सकेंगे। यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति केवल एक ही किसान का नॉमिनी बन सकता है। इस विशेष व्यवस्था के तहत वह किसी अन्य किसान के लिए नामांकित प्रतिनिधि के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकेगा।

दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने ‘वन-टाइम एक्सेप्शन’ के तहत किसानों को एक नामांकित प्रतिनिधि के जरिए अपनी फसल बेचने की अनुमति दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी जिन्हें तकनीकी दिक्कतों या उंगलियों के निशान मैच न होने के कारण अपनी उपज बेचने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

ये रहेंगे नियम

  • किसान का सत्यापन और फोटो अनिवार्य होगा। फसल बिक्री के समय किसान को स्वयं खरीदी केंद्र पर भौतिक रूप से उपस्थित रहना होगा।
  • पहले किसान के बायोमेट्रिक सत्यापन का प्रयास किया जाएगा। सभी प्रयासों के विफल होने के बाद ही इस छूट का नियम लागू होगा।
  • बायोमेट्रिक फेल होने पर किसान की सहमति से खरीदी केंद्र पर उसकी लाइव (रियल-टाइम) फोटो खींची जाएगी। इस फोटो का मिलान किसान के आधार क्रेडेंशियल से किया जाएगा। किसान की पहचान सत्यापित होने के बाद, वह अपनी फसल बेचने में मदद के लिए ऑनलाइन सिस्टम से जनरेट होने वाले “परचेज सेंटर लेवल नॉमिनी एप्लीकेशन फॉर्म” के माध्यम से एक प्रतिनिधि को नामांकित कर सकेगा।
  • खरीद केंद्र पर नॉमिनी को OTP आधारित e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद नॉमिनी का विवरण आधार रिकॉर्ड से लिया जाएगा।
  • केंद्र पर नॉमिनी की वास्तविक समय की तस्वीर ली जाएगी और उससे आधार क्रेडेंशियल्स से मिलान किया जाएगा।
  • नॉमिनी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण भी पूरी तरह अनिवार्य होगा।
  • खरीदी गई फसल का भुगतान केवल और केवल संबंधित किसान के पंजीकृत बैंक खाते में ही जमा किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में यह राशि नॉमिनी को जारी नहीं की जाएगी।
  • कोई भी व्यक्ति केवल एक ही किसान का नॉमिनी बन सकता है, दो का नहीं।

फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण विफल होने पर

आदेश के तहत, अगर आधार-आधारित फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सफल नहीं हो पाता है तो इस स्थिति में राज्य सरकार और केंद्रीय नोडल एजेंसियां अन्य विकल्पों जैसे कि फेस ऑथेंटिकेशन या आइरिस ऑथेंटिकेशन प्रणालियों का उपयोग कर सकती हैं। हालांकि इसके लिए सभी रिकॉर्ड, ऑथेंटिकेशन लॉग, ऑनलाइन नॉमिनी आवेदन फॉर्म और किसान व नॉमिनी दोनों की रीयल-टाइम तस्वीरों को सुरक्षित रखना होगा ।

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।