ट्रेनिंग के दौरान धू-धू कर जला अमेरिकी F-16 जेट, जहरीले केमिकल के डर से खाली कराना पड़ा पूरा इलाका, जानें कैसे हुआ हादसा
अमेरिका के मिशिगन में ट्रेनिंग के दौरान F-16 फाइटर जेट क्रैश हो गया। हादसे के बाद जहरीला केमिकल फैलने से हड़कंप मच गया और इलाका खाली कराना पड़ा। गनीमत रही कि पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा।
Washington: अमेरिका के मिशिगन राज्य के एक शांत ग्रामीण इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अमेरिकी वायुसेना का एक F-16 फाइटर जेट अचानक बेकाबू होकर जमीन पर आ गिरा। यह लड़ाकू विमान डेट्रॉइट से करीब 305 किलोमीटर उत्तर में स्थित अल्पेना नेशनल गार्ड बेस पर एक नियमित ट्रेनिंग एक्सरसाइज का हिस्सा था। उड़ान भरते ही विमान अचानक असामान्य रूप से कम ऊंचाई और धीमी गति पर उड़ने लगा और कुछ ही पलों बाद एक जोरदार धमाके के साथ जमीन पर जा टकराया।
जहरीले केमिकल का रिसाव और इलाके में फैला खौफ
जैसे ही जेट जमीन से टकराया, उसमें भीषण आग लग गई और चारों तरफ काले धुएं का गुबार छा गया। हादसे के तुरंत बाद विमान के मलबे से खतरनाक और जहरीला केमिकल रिसाव होने लगा। इस अप्रत्याशित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए आसपास के इलाके को एहतियातन खाली करा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि धमाका इतना तेज था मानो घर के ठीक बाहर कोई बहुत बड़ी दुर्घटना हो गई हो।
चमत्कारिक रूप से बची पायलट की जान
हादसे का सबसे राहत भरा पहलू यह रहा कि फाइटर जेट का पायलट वक्त रहते इमरजेंसी इजेक्शन के जरिए विमान से सुरक्षित बाहर कूदने में सफल रहा। सार्जेंट डेरेक गुटिएरेज के मुताबिक, घायल पायलट को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसका इलाज जारी है। गनीमत यह रही कि अस्पताल में भर्ती पायलट पूरी तरह होश में है और अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। सुरक्षा नीतियों के कारण फिलहाल उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
पक्षी की टक्कर या तकनीकी खराबी? जांच में जुटी वायुसेना
हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए अमेरिकी वायुसेना ने गहन जांच शुरू कर दी है। साथी जेट के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी थी कि संभवतः विंगमैन का विमान किसी पक्षी (Bird Strike) से टकराने के बाद बेकाबू हुआ था। हालांकि, वायुसेना अधिकारियों का कहना है कि वे अभी सभी संभावित पहलुओं से इस क्रैश की तफ्तीश कर रहे हैं। वर्ष 1979 से सेवा दे रहे F-16 विमानों के इतिहास में 2000 के बाद से यह कई बड़े क्लास-A हादसों में से एक माना जा रहा है।