MP में 35 हजार शिक्षकों का प्रमोशन अटका: जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा, बोले “शिक्षा विरोधी है मोहन सरकार”
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में शिक्षकों के लंबित प्रमोशन के मुद्दे पर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें प्रशासनिक और कानूनी उलझनों में फंसा रही है। कांग्रेस
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में शिक्षकों के लंबित प्रमोशन के मुद्दे पर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें प्रशासनिक और कानूनी उलझनों में फंसा रही है।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “शिक्षक भी हैं, बहुत लाचार! शिक्षा विरोधी है, मोहन सरकार।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक नुकसान शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था को उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय पर निर्णय लिया जाता तो हजारों शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित नहीं रहना पड़ता।
हजारों शिक्षकों का प्रमोशन अटका
मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में लगभग 35 हजार शिक्षकों के प्रमोशन शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के कारण अटके हुए हैं। विभाग के लगभग 42 हजार शिक्षकों में से करीब 7 हजार ही टीईटी की पात्रता पूरी करते हैं। हाल के न्यायिक फैसलों और टीईटी संबंधी नियमों के चलते सरकार इस दुविधा में है कि पदोन्नति सिर्फ टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को दी जाए या सभी पात्र शिक्षकों को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) में शामिल किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मामले में तीन संभावित विकल्प तैयार कर शासन को भेजे हैं और साथ ही स्टैंडिंग काउंसिल व विधिक विशेषज्ञों से राय भी मांगी है। इनमें सिर्फ टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को पदोन्नति देना, टीईटी पूरी होने तक पदोन्नति टालना या सशर्त पदोन्नति देकर बाद में टीईटी पूरी होने पर लाभ देने जैसे विकल्प शामिल हैं। इसी असमंजस के कारण स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश का ऐसा प्रमुख विभाग बना हुआ है, जहां पदोन्नति की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है जबकि अन्य विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इस मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। उसका आरोप है कि सरकार की निर्णयहीनता का खामियाजा हजारों शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक सम्मान और पदोन्नति के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हैं लेकिन बीजेपी सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने की बजाय नियमों और प्रक्रियाओं के जाल में उलझाए हुए है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ यह अन्याय बंद होना चाहिए और सरकार को जल्द निर्णय लेकर लंबित प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।