सरकारी शिक्षकों के लिए जरूरी खबर, बदला ई-अटेंडेंस नियम, अब सुबह 10.30 बजे से पहले लगानी होगी हाजिरी, आदेश जारी
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कार्यालयीन कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली और समय सारणी में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा बदलाव किया है। विभाग द्वारा जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार अब शिक्षकों को शाला में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। इस नए
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कार्यालयीन कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली और समय सारणी में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा बदलाव किया है। विभाग द्वारा जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार अब शिक्षकों को शाला में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। इस नए बदलाव के तहत शिक्षकों को अब सुबह 10:45 बजे के स्थान पर अनिवार्य रूप से सुबह 10:30 बजे से पहले ही अपनी उपस्थिति यानी अटेंडेंस लगानी होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया है।
इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय यानी आयुक्त डीपीआई द्वारा एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया था। बीती 10 अगस्त को आयोजित हुई इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आयुक्त डीपीआई ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शिक्षकों की उपस्थिति का समय जो पहले सुबह 11:00 बजे निर्धारित था, उसे अब बदलकर अनिवार्य रूप से सुबह 10:30 बजे किया जाए। विभाग द्वारा तय किए गए नए नियमों के अनुसार सुबह 10:30 बजे के बाद दर्ज की जाने वाली कोई भी अटेंडेंस या उपस्थिति मान्य नहीं मानी जाएगी। इसके साथ ही, कार्यालयीन सेवा में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। इन कार्यालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह 10:00 बजे ही अनिवार्य रूप से शिक्षक ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी तय समय के बाद यानी देर से अपनी हाजिरी लगाता है, तो उसे विलंब से आने का स्पष्ट और उचित कारण बताना होगा।
संकुल प्राचार्यों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अंतर्गत सभी संकुल प्राचार्यों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश में निर्देशित किया गया है कि सभी संकुल प्राचार्य अपने-अपने क्षेत्र के मृत, सेवानिवृत्त और स्थानांतरित हो चुके कर्मचारियों का पूरा डेटा तत्काल प्रभाव से संबंधित पोर्टल पर अपडेट कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, जो शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृति के लंबे समय से शाला से अनुपस्थित चल रहे हैं, उनकी विस्तृत जानकारी जुटाकर दो कार्य दिवस के भीतर विभाग को भेजी जाए।
छात्रों की दैनिक उपस्थिति अब एजुकेशन पोर्टल पर होगी दर्ज
विभाग ने छात्रों की उपस्थिति को लेकर भी कड़े कदम उठाए हैं। आदेश के अनुसार, हमारे शिक्षक ऐप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति को एजूकेशन पोर्टल पर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे छात्रों की दैनिक उपस्थिति को एजूकेशन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। इसके साथ ही, जो विद्यार्थी विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं, प्राचार्यों को उनकी अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों का पता लगाना होगा। अनुपस्थित रहने वाले ऐसे सभी छात्रों की एक सूची तैयार की जाएगी ताकि उनके कारणों का विश्लेषण कर शाला में उनका नियमित प्रवेश और उपस्थिति सुनिश्चित कराई जा सके। इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित कक्षा शिक्षकों को इसके लिए अधिकृत करें और जिम्मेदारी सौंपें। इस प्रकार विभाग ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया है ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके।