MP Transport Summit 2026: यात्री सुविधाओं के लिए मोहन सरकार का बड़ा कदम, Rapido-MPYPL के बीच करार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। समिट में प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और ग्रामीण क्षेत्रों को सुगम बस सेवा से जोड़ने को लेकर मंथन […]

Sep 11, 2026 - 15:30
MP Transport Summit 2026: यात्री सुविधाओं के लिए मोहन सरकार का बड़ा कदम, Rapido-MPYPL के बीच करार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। समिट में प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और ग्रामीण क्षेत्रों को सुगम बस सेवा से जोड़ने को लेकर मंथन किया जा रहा है।

इस दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। समिट में Rapido और मध्यप्रदेश यात्री परिवहन लिमिटेड (MPYPL) के बीच करार हुआ। इस दौरान प्रदेश में प्रस्तावित नई यात्री परिवहन व्यवस्था और बस संचालन को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी भी सामने रखी गई। प्रदेश के करीब 55 जिलों में बस रूट का सर्वे पूरा होने की जानकारी दी गई है। इसमें 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट शामिल हैं।

परिवहन मंत्री बोले “ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी सुगम बस सेवा”

इस अवसर पर परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा की शुरुआत एक ऐतिहासिक अवसर है। ई-बसों का लाभ ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ से निकला मंथन परिवहन विभाग के लिए रामायण और गीता के समान मार्गदर्शक होगा। प्रदेश स्तर पर बस संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा और नई व्यवस्था से यात्रियों के साथ बस ऑपरेटर्स को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘सेवा संकल्प माह’ में बस ऑपरेशन को जमीन पर उतारना है।

गांवों को शहरों से जोड़ेगा क्लीन और सेफ बस सिस्टम

समिट में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नई परिवहन व्यवस्था से इंदौर और मालवा क्षेत्र को सुगम परिवहन सेवा का लाभ मिलेगा। जनभागीदारी से क्लीन और सेफ बस सिस्टम विकसित कर गांवों को शहरों से जोड़ने की योजना है। इससे हर साल करीब 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन रोकने में मदद मिलने की बात कही जा रही है।

राज्य स्तर पर कंपनी, सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियां

प्रदेश में यात्री बस परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने के लिए राज्य स्तर पर यात्री परिवहन कंपनी का गठन किया गया है। इसके साथ सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाई गई हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में परिवहन सलाहकार समितियां गठित की गई हैं जिनमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। ये समितियां परिवहन व्यवस्था की निगरानी में भूमिका निभाएंगी।

1190 विशेषज्ञ पदों पर भर्ती

यात्री परिवहन कंपनी के लिए 1190 विशेषज्ञ पदों को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर एमपी ऑनलाइन और टीसीएस के माध्यम से भर्ती की जा रही है। नई बस सेवा के लिए रूट डेटा के आधार पर मार्ग तय किए जा रहे हैं। लगभग 55 जिलों में रूट सर्वे पूरा हो चुका है। इनमें 150 सिटी बस, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट का सर्वे शामिल है।

सीसीटीवी से जीपीएस तक, सुरक्षा पर जोर

नई व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी जोर दिया जा रहा है। बसों में सीसीटीवी, ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, पैनिक बटन, जीपीएस और लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को भी प्राथमिकता देने की योजना है।

स्टार्टअप और एआई विशेषज्ञ भी मंथन में शामिल

समिट में मौजूद यश टेक्नोलॉजी के धर्मेंद्र जैन ने कहा कि उनकी कंपनी ने पिछले 28 वर्षों में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा में कंपनी की ओर से पूरे उत्साह के साथ योगदान देने की बात कही। समिट में स्टार्टअप और एआई विशेषज्ञों के साथ बस निर्माता कंपनियों, टेक कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी यात्री परिवहन व्यवस्था को लेकर मंथन कर रहे हैं। सरकार ने इस व्यवस्था के लिए आठ प्राथमिकताएं तय की हैं।

पीथमपुर में बनेगा इलेक्ट्रिक बस कारखाना

समिट में ईकेए मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक बस निर्माण को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी प्रदेश में पिछले 30 वर्षों से काम कर रही है और उसके चार कारखाने पहले से हैं। अब पांचवां कारखाना पीथमपुर में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कारखाने में हर साल 5 हजार इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार के सहयोग से इसे 14 महीने में स्थापित करने का लक्ष्य है। उन्होंने मध्यप्रदेश के सोलर सरप्लस स्टेट होने को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

पीपीपी मॉडल से यात्री परिवहन को नया स्वरूप

इस अवसर पर ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि देश में बस परिवहन व्यवस्था प्रतिदिन लगभग 40 करोड़ लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। उन्होंने मध्यप्रदेश को बस परिवहन सेवा में पीपीपी मॉडल का नवाचार करने वाला पहला राज्य बताया। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।