MP Weather: गुना-शिवपुरी समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इंदौर-भोपाल में रिमझिम, 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर लगातार नमी आ रही है और मध्य प्रदेश हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी है। फिलहाल 10-11 अगस्त तक मौसम का मिजाज यूही बना रहेगा। शुक्रवार, 7 अगस्त को 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया
पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर लगातार नमी आ रही है और मध्य प्रदेश हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी है। फिलहाल 10-11 अगस्त तक मौसम का मिजाज यूही बना रहेगा। शुक्रवार, 7 अगस्त को 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 48 जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 10 अगस्त के बीच राजगढ़, नर्मदापुरम, गुना, रीवा, मऊगंज, सागर ,भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, नीमच, पन्ना और छतरपुर जिलों में बादल छाने के साथ, भारी बारिश और 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है।
MP में शुक्रवार को कहां-कहां होगी बारिश
- भारी बारिश: गुना, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुरकलां, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ ।
- हल्की से मध्यम: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
MP में सामान्य से 19% पानी गिरा, 49 जिलों की स्थिति कमजोर
- 1 जून से 6 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 19 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- अब तक औसतन 16.3 इंच ( 413.3 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 19.5 इंच (507.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी।
- पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 23% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 16% कम पानी गिरा है।
- प्रदेश के 55 में से 49 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग की स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों की स्थिति थोड़ी ठीक है।