इंदौर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ दंपत्ति का अनशन, गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे प्रहलाद-संगीता पांडे

इंदौर शहर की सड़कों, चौराहों और गलियों से अवैध बैनर-होर्डिंग हटाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे अपनी पत्नी संगीता पांडे के साथ अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गए हैं। रीगल तिराहा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे पांडे का साफ कहना है कि जब तक शहर को इन अवैध […]

Sep 21, 2026 - 09:30
इंदौर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ दंपत्ति का अनशन, गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे प्रहलाद-संगीता पांडे

इंदौर शहर की सड़कों, चौराहों और गलियों से अवैध बैनर-होर्डिंग हटाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे अपनी पत्नी संगीता पांडे के साथ अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गए हैं।

रीगल तिराहा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे पांडे का साफ कहना है कि जब तक शहर को इन अवैध पोस्टरों से मुक्ति नहीं मिल जाती, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे और सिर्फ पानी पीकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

मोमबत्तियां और फ्लैशलाइट लेकर पहुंचे लोग

रविवार की शाम धरना स्थल पर समर्थकों की खासी भीड़ जुटी, जहां ‘आशा की किरण’ नाम से एक सांकेतिक विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग हाथों में मोमबत्तियां व मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर पहुंचे और अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रीगल इलाके में पैदल मार्च भी निकाला। प्रहलाद पांडे का लक्ष्य इंदौर में 100 ऐसे जागरूक नागरिकों को जोड़ना है जो जनहित के मुद्दों पर बेबाकी से अपनी आवाज उठा सकें।

16 सितंबर को वीडियो बनाते समय मारपीट और बदसलूकी का आरोप

मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए प्रहलाद पांडे ने बताया कि 16 सितंबर को वे मरीमाता चौराहे पर लगे एक अवैध बैनर का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उसी समय कुछ अज्ञात लोगों ने आकर उनके साथ मारपीट की और उनका माइक व रिकॉर्डिंग डिवाइस छीन लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें एक स्थानीय विधायक का नाम न लेने की धमकी भी दी। पांडे का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे आहत होकर उन्होंने गांधीजी की शरण में जाने का फैसला किया।

घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर

सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप है कि इस पूरी हिंसक घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई FIR दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर ही हमलावरों की असली पहचान उजागर हो सकेगी। एफआईआर दर्ज न होने और पुलिस के टालमटोल वाले रवैये से नाराज होकर ही उन्होंने अपने आंदोलन को तेज करने का रास्ता चुना।

पत्नी संगीता पांडे भी उपवास में शामिल

पति के समर्थन में उतरीं संगीता पांडे भी उनके साथ उपवास पर बैठ गई हैं, जिससे इस मुहिम को और मजबूती मिली है। प्रहलाद पांडे ने उच्च न्यायालय के पुराने आदेशों का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि नियम के मुताबिक किसी भी अवैध होर्डिंग या बैनर की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे हटाया जाना अनिवार्य है। वे प्रशासन से इस नियम का सख्ती से पालन कराने की मांग कर रहे हैं।