माउंट मनास्लु पर बर्फीली तबाही: खतरे को दरकिनार कर आगे बढ़े भारतवंशी पर्वतारोही और गाइड, टेंट में दबे मिले शव
नेपाल के माउंट मनास्लु पर आए भीषण हिमस्खलन में भारतीय मूल के जर्मन पर्वतारोही ध्रुव ज्योति गुहा और गाइड फुरसेम्बा शेरपा की मौत। खराब मौसम के बीच कैंप-3 की ओर बढ़ने से हुआ हादसा। जानिए रेस्क्यू टीम का ताजा अपडेट।
Kathmandu: नेपाल में दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी, माउंट मनास्लु (8,163 मीटर) पर एक भीषण दर्दनाक हादसा सामने आया है। पर्वतारोहण के दौरान आए एक भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने से भारतीय मूल के जर्मन पर्वतारोही ध्रुव ज्योति गुहा (47) और उनके अनुभवी नेपाली गाइड फुरसेम्बा शेरपा की मौत हो गई।
सितंबर 2026 के इस पर्वतारोहण सीजन में घटित यह दुर्घटना शनिवार रात कैंप-3 पर उस समय हुई, जब एक विशाल बर्फीला तूफान उनके टेंट पर आ गिरा और दोनों बर्फ की चादर के नीचे दफन हो गए।
खराब मौसम में लिया गया एक फैसला पड़ा भारी
इस पूरे हादसे में सबसे दर्दनाक मोड़ तब आया जब मौसम के मिजाज को देखते हुए दल के बाकी साथियों ने समझदारी दिखाई। अभियान का आयोजन करने वाली कंपनी ‘मकालू एडवेंचर’ के मुताबिक, मौसम लगातार बिगड़ने के कारण दल के 6 अन्य पर्वतारोहियों ने कैंप-2 से सुरक्षित वापस लौटने का फैसला किया था।
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हालांकि, ध्रुव ज्योति गुहा और गाइड फुरसेम्बा शेरपा खराब मौसम के बावजूद कैंप-3 की ओर आगे बढ़ गए। शनिवार रात ही बेस कैंप से उनका संपर्क टूट गया था। रविवार को जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तो दोनों के शव टेंट के भीतर करीब 7 फीट गहरी बर्फ में दबे मिले।
इंजीनियर से माउंटेनियर बनने का सफर खत्म
ध्रुव ज्योति मूल रूप से भारत के रहने वाले थे और बाद में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट के पास बस गए थे। उन्होंने साल 2002 में बंगाल इंजीनियरिंग कॉलेज (IIEST शिवपुर) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वहीं, उनके गाइड फुरसेम्बा शेरपा नेपाल के मकालू क्षेत्र के जाने-माने और बेहद अनुभवी माउंटेन गाइड थे।
बचाव दल ने शवों को बेस कैंप तक पहुंचा दिया है, जहां से मौसम साफ होते ही उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा काठमांडू लाया जाएगा। इस दुखद घटना के साथ ही इस सीजन में माउंट मनास्लु पर मरने वाले पर्वतारोहियों की संख्या बढ़कर अब 4 हो गई है।