नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी और अमित शाह को लिखा पत्र, फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की मांग

नेपाल में आई भीषण तबाही के बाद राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के लापता होने के बीच कई भारतीयों के भी फंसे होने की खबर है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत तेजी से मदद पहुंचाने में जुटा है। इसी बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

Aug 29, 2026 - 16:30
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी और अमित शाह को लिखा पत्र, फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की मांग

नेपाल में आई भीषण तबाही के बाद राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के लापता होने के बीच कई भारतीयों के भी फंसे होने की खबर है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत तेजी से मदद पहुंचाने में जुटा है। इसी बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताते हुए पीएम मोदी और अमित शाह से आग्रह किया है कि पड़ोसी देश को तत्काल मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।

नेपाल में फंसे भारतीयों की जल्द सुरक्षित वापसी की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि वह नेपाल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ के कारण फंसे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को लेकर भी चिंतित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी अभियान तेज करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि फंसे लोगों की सुरक्षित और जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम तत्काल किए जाने चाहिए।

नेपाल में 320 भारतीयों से संपर्क नहीं: खरगे

खरगे ने कहा कि विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, करीब लगभग 320 भारतीय नागरिकों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है इसलिए उनकी सुरक्षा और जल्द वापसी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस मुश्किल समय में भारत को नेपाल के लोगों और हर उस परिवार के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए जो अपने प्रियजनों की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरे और लंबे समय से चले आ रहे संबंध हैं। ऐसे दुखद और कठिन समय में भारत को अपने पड़ोसी देश के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए और इस विनाशकारी आपदा से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

गौरतलब है कि नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ और मलबे के सैलाब ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक करीब 626 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2,500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। कई इलाकों में सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं तबाह हो गई हैं जबकि खराब मौसम और नए बाढ़ के खतरे के बीच राहत-बचाव अभियान लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।