पाकिस्तान में 200 साल पुराना सिखों का धरोहर तोड़ा गया, SGPC ने किया कड़ा विरोध
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को शॉपिंग मॉल बनाने के लिए ढहाए जाने पर सिख समुदाय में भारी आक्रोश है।
New Delhi: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लगभग 200 साल पुराने एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे को कथित तौर पर गिराए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से सिख समुदाय में भारी आक्रोश है। खबरों के अनुसार, गुरुद्वारे की जगह पर शॉपिंग मॉल बनाने की योजना है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस कदम का विरोध किया है और इस जगह के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए इसे संरक्षित करने की मांग की है।
श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को लेकर विवाद
यह मामला बलूचिस्तान में स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे से जुड़ा है। सिख समुदाय का कहना है कि यह जगह सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। आरोप है कि कमर्शियल निर्माण के लिए गुरुद्वारे को हटाया जा रहा है। समुदाय ने इस पर आपत्ति जताई है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें स्थानीय अधिकारियों से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
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BJP नेता ने उठाया मुद्दा
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठाया। बलूचिस्तान सिख काउंसिल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरुद्वारे सिर्फ जमीन के टुकड़े या इमारतें नहीं हैं, वे सिख इतिहास, आस्था और बलिदानों से गहराई से जुड़े पवित्र स्थल हैं।
पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों की संख्या में कमी
सिख समुदाय के सदस्यों के अनुसार, बलूचिस्तान में कभी लगभग 12 गुरुद्वारे हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी संख्या घटकर सिर्फ दो रह गई है। समुदाय ने पूरे पाकिस्तान में कई ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर लगातार चिंता जताई है।
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SGPC ने जांच और संरक्षण की मांग की
SGPC ने मांग की है कि पाकिस्तान सरकार इस मामले में दखल दे और इसकी गहन जांच कराए। कमेटी ने गुरुद्वारा परिसर में किसी भी तरह के कमर्शियल निर्माण को रोकने की अपील की है। इसके अलावा, ऐतिहासिक गुरुद्वारे के संरक्षण और जीर्णोद्धार तथा इसके धार्मिक महत्व की रक्षा की मांग भी की गई है।
विदेश मंत्रालय से दखल की मांग
सिख संगठनों ने इस मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्रालय से भी दखल की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत स्थलों की सुरक्षा का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाना चाहिए। सिख समुदाय ने कहा कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण केवल एक समुदाय का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समग्र रूप से विरासत की रक्षा का मामला है।