Nepal Rescue Operation: नेपाल में त्रिशूली जलविद्युत सुरंग में फंसे 350 लोग मौत के मुंह से निकले; जानिए कैसे चला रेसक्यू
नेपाल में बाढ़ के कहर के बाद जारी राहत और बचाव कार्यों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। त्रिशूली जलविद्युत सुरंग में फंसे 350 लोगों को मौत के मुंह से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
Kathmandu: नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नेपाली सेना ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सेना के मुताबिक, सुरंग में फंसे करीब 350 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी लगभग 100 लोगों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है।
राहत और बचाव दल लगातार अंदर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। खराब मौसम और सुरंग में बनी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ये सभी लोग बुधवार सुबह से ही बाढ़ और मलबे के कारण सुरंग के भीतर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) August 28, 2026
100 से अधिक लोग अब भी फंसे, चौबीसों घंटे जारी है राहत कार्य
सुरंग के भीतर से 350 लोगों को बचा लिए जाने के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, टनल के अंदर अभी भी 100 से अधिक लोग फंसे हुए हैं।
खराब मौसम और शून्य दृश्यता के बीच सेना के हेलीकॉप्टर और जमीनी राहत दल चौबीसों घंटे बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। कीचड़ के कारण सुरंग के एंट्री पॉइंट्स को ढूंढना रेस्क्यू टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
नेपाल में कुदरत का महाविनाश, भारत के सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट
भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान से नेपाल में अब तक 389 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं और कई पक्के पुल ध्वस्त हो गए हैं।
इस प्राकृतिक तबाही का असर अब भारत तक पहुंच रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।