बलूचिस्तान में आर-पार की जंग: ऑपरेशन शाबान में 140 आतंकी ढेर, पुलिसकर्मियों के कत्ल का सेना ने ऐसे लिया बदला
बलूचिस्तान के मस्तुंग में सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन शाबान’ ने तबाही मचा दी है। 18 अपहृत पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सेना ने बड़ा एक्शन लेते हुए 140 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया। क्षेत्र में तनाव चरम पर, कर्फ्यू लागू।
Balochistan: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत इन दिनों बारूद के ढेर पर बैठा है। 6 जुलाई को जियारत जिले में उग्रवादियों ने एक पुलिस चौकी पर कायराना हमला कर 9 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और 18 युवा पुलिस प्रशिक्षुओं (ट्रेनीज) का अपहरण कर लिया था।
बाद में इन सभी 18 प्रशिक्षुओं के शव बरामद हुए। इस भयावह घटना के बाद पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स और पुलिस ने मिलकर ‘ऑपरेशन शाबान’ की शुरुआत की, जिसका मुख्य केंद्र अब मस्तुंग जिला बन चुका है।
ऑपरेशन शाबान: मस्तुंग में 140 से अधिक उग्रवादी ढेर
सेना का यह उग्रवाद-रोधी अभियान बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। मस्तुंग के दूरदराज इलाकों में छिपे प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य बलूच उग्रवादी संगठनों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) और सरकारी मीडिया के अनुसार, सोमवार को तीन और आतंकियों के मारे जाने के साथ ही अब तक कुल 140 से ज्यादा चरमपंथियों को ढेर किया जा चुका है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के कई बड़े हथियार भंडार नष्ट कर दिए हैं और तीन संदिग्ध महिला आत्मघाती हमलावरों को भी गिरफ्तार किया है।
जवाबी हमले और गुरिल्ला युद्ध से दहल उठा इलाका
दूसरी ओर, चरमपंथी संगठन भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और लगातार ‘गुरिल्ला वॉर’ (छापामार युद्ध) की रणनीति अपना रहे हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने खद कोचा इलाके में एक कूरियर वाहन पर हमला कर दो कर्मचारियों को अगवा कर लिया है और 2.5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। इतना ही नहीं, हाल ही में दो जजों के काफिले पर भी हमला किया गया, जिसमें एक जज और उनके सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई।
मुख्य पुल उड़ाया, इलाके में कर्फ्यू का साया
उग्रवादियों की बढ़ती हिमाकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने खद कोचा क्षेत्र के एक बेहद अहम पुल को विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है।
ईरान और अफगानिस्तान की सीमाओं से सटा बलूचिस्तान लंबे समय से आजादी और अधिकारों की मांग को लेकर सुलग रहा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को किसी युद्धक्षेत्र में तब्दील कर दिया है।