भोपाल के खुशीलाल कॉलेज की कैंटीन में सड़ी प्याज और एक्सपायर्ड ब्रेड मिली, खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में चल रही कैंटीनों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। वहीं इस दौरान विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। जांच में कई ऐसी कमियां सामने आईं जिन्हें अधिकारियों ने गंभीर माना […]
भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में चल रही कैंटीनों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। वहीं इस दौरान विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। जांच में कई ऐसी कमियां सामने आईं जिन्हें अधिकारियों ने गंभीर माना और तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित संचालकों को निर्देश जारी किए।
दरअसल निरीक्षण के दौरान एक कैंटीन में सड़ी हुई प्याज रखी मिली। वहीं, सैंडविच बनाने में इस्तेमाल की जा रही ब्रेड की एक्सपायरी खत्म हुए करीब 10 दिन हो चुके थे, लेकिन उसका उपयोग फिर भी किया जा रहा था। इसके अलावा खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से नहीं रखा गया था और कैंटीन में साफ-सफाई की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सबसे पहले कॉलेज परिसर में संचालित नवीन कैंटीन का निरीक्षण किया। यहां भोजन तैयार करने और खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था की जांच की गई। जांच में पता चला कि कैंटीन में भोजन का निर्माण सेलिब्रेशन इवेंट एंड इंटरटेंमेंट केटरिंग के माध्यम से किया जा रहा था। अधिकारियों ने पाया कि रसोई क्षेत्र में स्वच्छता की कमी थी और कई खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। सबसे गंभीर मामला सैंडविच ब्रेड का मिला, जिसकी बेस्ट बिफोर अवधि समाप्त हुए करीब 10 दिन बीत चुके थे। इसके बावजूद उसी ब्रेड का इस्तेमाल विद्यार्थियों के लिए सैंडविच तैयार करने में किया जा रहा था। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था की भी जांच की गई। RO और वॉटर फिल्ट्रेशन सिस्टम की स्थिति का परीक्षण किया गया, ताकि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता का भी रिकॉर्ड लिया जा सके।
दूसरी कैंटीन में भी मिली सफाई और भंडारण की कमी
वहीं खाद्य सुरक्षा टीम ने कॉलेज परिसर की दूसरी कैंटीन का भी निरीक्षण किया। यहां भी स्वच्छता और हाइजीन से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने देखा कि खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी और कर्मचारियों ने निर्धारित साफ वेशभूषा का पालन नहीं किया था। दोनों कैंटीनों में मिली कमियों को देखते हुए संबंधित संचालकों को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। उन्हें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए मटर का आटा और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने भी लिए गए। ये नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत तय प्रक्रिया के अनुसार प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।