PM मोदी का वीडियो हटाने पर Meta की सफाई, कहा- गलती से हुआ था…

एक तरफ जहां दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। वही दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर करते हुए देखा गया था। सेल्फी मोड में इस वीडियो को रिकॉर्ड करते हुए प्रधानमंत्री छात्रों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो को मेटा ने

Jul 28, 2026 - 14:30
PM मोदी का वीडियो हटाने पर Meta की सफाई, कहा- गलती से हुआ था…

एक तरफ जहां दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। वही दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर करते हुए देखा गया था। सेल्फी मोड में इस वीडियो को रिकॉर्ड करते हुए प्रधानमंत्री छात्रों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो को मेटा ने कुछ समय के लिए रिमूव कर दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 मिनट की इस वीडियो में वह छात्रों को पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं के प्रति सरकार की गंभीरता के बारे में बताते नजर आ रहे थे। इस वीडियो को देर रात भारत में कुछ समय के लिए रिस्ट्रक्ट कर दिया गया था। हालांकि, इसके पहले लाखों लोग इसे देख चुके थे। मेटा के इस कदम पर कई तरह के सवाल उठाए गए। जिसके बाद अब कंपनी ने अपना पक्ष रखा है।

मेटा ने मानी गलती

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाने के संबंध में मेटा के स्पोक्सपर्सन का जवाब सामने आया है। कंपनी का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह वीडियो किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हट गया था। इसे फिर से रिस्टोर कर दिया गया है।

 

वीडियो में क्या था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान वीडियो के जरिए युवाओं को संदेश दिया था। वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार पेपर लीक से बचने के लिए कड़े कदमों की घोषणा करेगी। इसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष सख्त कानूनी प्रावधान लाना भी शामिल। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश जारी करने और पेपर लीक मामले के लिए करें सजा और विशेष अदालत का प्रस्ताव करने वाले ड्राफ्ट को रिव्यू करने की बात भी कही थी।

दूसरे वीडियो भी आए थे सामने

आपने एक वीडियो के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरे वीडियो शेयर करते हुए भी देखा गया था। उन्होंने कहा था कि सरकार कार्यबल के सुझावों को लागू करेगी ताकि यह पक्का हो सके कि परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद है। इसी के साथ प्रौद्योगिकी के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल की बात कही गई थी ताकि परीक्षा में पारदर्शिता लाई जा सके।