आदिवासियों के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किये सवाल

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आदिवासियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर निशाना साधा है , उन्होंने सरकार पर आदिवासियों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाये हैं, उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया X पर दो अलग अलग पोस्ट की मदद से सरकार […]

Sep 12, 2026 - 13:30
आदिवासियों के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किये सवाल

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आदिवासियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर निशाना साधा है , उन्होंने सरकार पर आदिवासियों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाये हैं, उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया X पर दो अलग अलग पोस्ट की मदद से सरकार पर हमला किया है।

कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सीधी जिले में सही समय पर इलाज नहीं मिलने से एक मासूम बैगा आदिवासी बच्चे की मौ तको लेकर सरकार से सवाल किये हैं वहीं  इंदौर में आदिवासी छात्रावास के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने पर निशाना साधा है।

सिंघार ने स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा 

सिंघार ने लिखा-  बालाघाट और रीवा के बाद अब सीधी के चुरहट में 6 वर्षीय बैगा आदिवासी बच्चे की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण जान चली गई। न एंबुलेंस में ऑक्सीजन, न मास्क, एंबुलेंस और इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा मुख्यमंत्री जी  उस माँ को जवाब कौन देगा, जिसकी कोख आपकी निष्क्रिय स्वास्थ्य मंत्री की वजह से सूनी हुई?

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की, कांग्रेस नेता ने कहा जब प्रदेश में मासूमों की जान बचाने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था ही दम तोड़ रही है, तो स्वास्थ्य मंत्री किस बात के मंत्री हैं? जनता की जान से खिलवाड़ बंद कीजिए। जिम्मेदारी तय कर अपने स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लीजिए।

आदिवासियों को सुविधा देने में हो रही देरी पर सवाल 

सिंघार ने इंदौर में आदिवासी छात्रावास के निर्माण में हो रही देरी पर भी सवाल उठाये हैं, उन्होंने एक अख़बार में छपी खबर को X पर पोस्ट करते हुए लिखा- आदिवासी हितों की बात करने वाली भाजपा सरकार में आदिवासी छात्रों के छात्रावास से लेकर स्कूलों की साइंस लैब तक के काम जमीन के विवाद में अटके पड़े हैं।

इंदौर संभाग में आदिवासी छात्रों के लिए छात्रावास और सरकारी स्कूलों में साइंस लैबबनाने के लिए ₹46.90 करोड़ की स्वीकृति की गई। लेकिन 10 काम शुरू तक नहीं हुए और कई जगहों पर जमीन, पुराने भवनों और पेड़ों की कटाई की अनुमति का इंतजार है।

19 सितंबर को इंदौर में “छात्रों की गूंज” के मंच से उठाएंगे आवाज 

सिंघार ने कहा ये सिर्फ निर्माण कार्यों की देरी नहीं, आदिवासी बच्चों के भविष्य और उनके शिक्षा के अधिकार के साथ खिलवाड़ है। छात्रों की इन्हीं समस्याओं और उनके हक की आवाज़ उठाने के लिए 19 सितंबर को इंदौर में “छात्रों की गूंज” के मंच से इस लापरवाह सरकार से सवाल होगा कि आदिवासी छात्रों के हक का पैसा और जरूरी सुविधाएं आखिर कब मिलेंगी?

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।