अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: भारत सबसे युवा देशों में शामिल, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत

आज अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस है। युवाओं की क्षमता, अधिकारों और समाज के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए हर साल 12 अगस्त को ये दिन मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों को वैश्विक स्तर पर सामने लाना और उन्हें सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक प्रक्रियाओं में अधिक प्रभावी भागीदारी

Aug 12, 2026 - 12:30
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: भारत सबसे युवा देशों में शामिल, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत

आज अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस है। युवाओं की क्षमता, अधिकारों और समाज के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए हर साल 12 अगस्त को ये दिन मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों को वैश्विक स्तर पर सामने लाना और उन्हें सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक प्रक्रियाओं में अधिक प्रभावी भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।

आज के दिन सीएम मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा के सशक्त सारथी हैं। इनके सामर्थ्य, नवाचार और संकल्प से राष्ट्र निरंतर नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया है कि युवा अपनी ऊर्जा एवं प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़कर विकसित भारत के सपने को साकार करें।

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का इतिहास और महत्व

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा के दिसंबर 1999 के प्रस्ताव 54/120 से हुई। इससे पहले 8 से 12 अगस्त 1998 तक लिस्बन में विश्व युवा मामलों के मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन की सिफारिश पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया। इसके बाद हर साल इस दिन युवाओं से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विषय को केंद्र में रखकर कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं।

इस दिन को मनाने का प्रमुख उद्देश्य दुनिया के युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों और उनकी जरूरतों को वैश्विक समुदाय के सामने रखना है। शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, सामाजिक समानता, स्वास्थ्य, तकनीक और निर्णय लेने की प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दे इस दिवस के केंद्र में रहते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह दिवस युवाओं की क्षमता को पहचानने और उन्हें आज के वैश्विक समाज में बदलाव के साझेदार के रूप में स्थापित करने का अवसर भी देता है। 2026 की थीम क्या है?

इस साल की थीम

इस बार अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की थीम “अलग परिस्थितियां, सामान्य आकांक्षाएं” (Different Contexts, Common Aspirations) रखी गई है। इसका तात्पर्य ये है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं की परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन बेहतर शिक्षा, अवसर, सम्मान, रोजगार और सुरक्षित भविष्य जैसी उनकी आकांक्षाएं काफी हद तक समान हैं।

किसी जगह युवाओं के सामने रोजगार और आर्थिक अवसरों की कमी बड़ी समस्या है तो कहीं शिक्षा, तकनीक, कौशल विकास या सामाजिक असमानता चुनौती बनी हुई है। ग्रामीण और शहरी युवाओं की परिस्थितियों में भी काफी अंतर होता है।इसके बावजूद युवाओं की कुछ बुनियादी आकांक्षाएं लगभग समान हैं। हर युवा अच्छी शिक्षा, बेहतर रोजगार, समान अवसर, सम्मान, सुरक्षित और बेहतर भविष्य चाहता है। युवा चाहते हैं कि उनकी प्रतिभा को पहचान मिले, उनकी आवाज सुनी जाए और उन्हें अपने भविष्य से जुड़े फैसलों में भाग लेने का अवसर मिले।

युवा आबादी वाला देश भारत

भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है, जहां आबादी का बड़ा हिस्सा युवा वर्ग का है। यहां 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में लगभग 37 करोड़ युवा हैं जबकि 10 से 29 वर्ष की आयु में 50 करोड़ से अधिक लोग आते हैं। देश की औसत आयु करीब 28-29 वर्ष है जो भारत के मजबूत जनसांख्यिकीय लाभांश को दर्शाती है।

युवा आबादी भारत के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में बड़ा अवसर है। हालांकि, कौशल और रोजगार के बीच अंतर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस ये संदेश देता है कि युवाओं में निवेश सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और भविष्य के लिए रणनीतिक आवश्यकता है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।