सागर शराब कांड: कमलनाथ बोले “इन घटनाओं को रोकने के लिए भाजपा सरकार को बदलना ही एकमात्र विकल्प”

मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस शराब को लेकर पहले शिकायतें सामने आई थीं, उसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और अब इस मामले ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस […]

Sep 7, 2026 - 16:30
सागर शराब कांड: कमलनाथ बोले “इन घटनाओं को रोकने के लिए भाजपा सरकार को बदलना ही एकमात्र विकल्प”

मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस शराब को लेकर पहले शिकायतें सामने आई थीं, उसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और अब इस मामले ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा के लिए नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने कहा कि “इस तरह का धंधा सत्ता और माफिया के गठजोड़ के बिना नहीं चल सकता। इस तरह की घटनाओं को रोकने का अब एक ही तरीका बचा है कि भाजपा सरकार को बदला जाए।”

कमलनाथ ने सरकार को घेरा

कमलनाथ ने आरोप लगाया कि जिन ब्रांड की शराब को लेकर सवाल उठाए गए थे, सरकार की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब को क्लीन चिट मिलना शराब के अवैध कारोबार और प्रशासन के बीच सांठगांठ की आशंका पैदा करता है। उन्होंने इस घटना को महज दुर्घटना न मानते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही से हुई मौतों का मामला बताया।

“बीजेपी सरकार को बदला जाए”

पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के कफ सिरप मामले और इंदौर के दूषित पानी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दवा से लेकर दारू तक लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इस तरह का अवैध कारोबार लंबे समय तक नहीं चल सकता। कांग्रेस नेता ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में आम लोगों की जान की कीमत नहीं समझी जा रही है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को बदलना ही एकमात्र रास्ता बचा है।

सागर में जहरीली शराब का कहर

सागर जिले के बंडा क्षेत्र के बराज, नौराज, घूघरा खुर्द और आसपास के गांवों में शनिवार रात अवैध जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और प्रभावित लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शराब के नमूने जांच के लिए भेजने के साथ संदिग्ध शराब दुकानों को सील किया गया और पुलिस ने सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू की। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मामले में आबकारी विभाग और पुलिस अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई है। साथ ही मजिस्ट्रियल जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि जहरीली शराब कहां से आई और पहले मिली शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई थी।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।