PM मोदी के जन्मदिन पर सुरेश पचौरी ने बताया क्यों हैं वे ‘कर्मयोगी’, किसान से महिला सशक्तिकरण तक गिनाईं उपलब्धियां
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। ‘कर्मयोगी नरेन्द्र मोदी: संकल्प से सिद्धि तक राष्ट्रसेवा की यात्रा’ शीर्षक से लिखे लेख में पचौरी ने मोदी सरकार के पिछले वर्षों के कामकाज का […]
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। ‘कर्मयोगी नरेन्द्र मोदी: संकल्प से सिद्धि तक राष्ट्रसेवा की यात्रा’ शीर्षक से लिखे लेख में पचौरी ने मोदी सरकार के पिछले वर्षों के कामकाज का जिक्र करते हुए गरीब कल्याण, किसान, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े फैसलों और योजनाओं को प्रमुखता से रखा है।
सुरेश पचौरी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘कर्मयोगी’ बताते हुए लिखा कि उन्होंने अपना जीवन ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के भाव के साथ राष्ट्र को समर्पित किया है। उनके मुताबिक ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के संकल्प और रिफॉर्म, परफॉर्म एवं ट्रांसफॉर्म की नीति के साथ केंद्र सरकार ने गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को अपने कामकाज के केंद्र में रखा है।
स्वच्छ भारत से जन-धन तक का किया जिक्र
पचौरी ने 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए इसे जन आंदोलन बताया। इसके साथ ही उन्होंने उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जन-धन योजना को भी केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
किसानों को लेकर क्या बोले सुरेश पचौरी?
पचौरी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि खेती केवल आजीविका का साधन न रहे, बल्कि किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बने। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना 6 हजार रुपए की सहायता के साथ MSP में बढ़ोतरी, पीएम फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और परंपरागत कृषि विकास योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने देश में रेल नेटवर्क के विस्तार को भी मोदी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों में शामिल किया।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से लखपति दीदी तक
सुरेश पचौरी ने महिला सशक्तिकरण को मोदी सरकार के विकास एजेंडे का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने मातृवंदन योजना, नारी शक्ति वंदन, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य का जिक्र किया। इसके साथ ही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान और तीन तलाक से जुड़े कानून को भी महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा की दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में रखा।
रामलला से महाकाल लोक तक विरासत का जिक्र
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पचौरी ने देश में 2 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर और कोरोना काल में स्वदेशी वैक्सीन का जिक्र किया। वहीं सांस्कृतिक विरासत को लेकर उन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन के महाकाल लोक, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ क्षेत्र के विकास, करतारपुर साहिब कॉरिडोर, हेमकुंड साहिब और गिरनार में रोपवे तथा नमामि गंगे योजना जैसे काम गिनाए।
‘विकास से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा भारत’
सुरेश पचौरी ने अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी चिंतन देश के आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास का आधार बन रहा है। उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात के विजन को निवेश के मॉडल से जोड़ते हुए ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया। पचौरी के मुताबिक आज देश जिस बढ़ते भारत को देख रहा है, वह ‘संकल्प से सिद्धि’ का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रसेवा यात्रा को विकास से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते भारत की यात्रा बताया।