ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, CM डॉ. मोहन यादव का एक और मास्टरस्ट्रोक, 14 हजार रोजगार की तैयारी

मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। दरअसल केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग के साथ हुए समझौते के बाद ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किया जाएगा। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार के बीच ऐतिहासिक MOU हुआ है। दरअसल ग्वालियर में

Jul 30, 2026 - 23:30
ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, CM डॉ. मोहन यादव का एक और मास्टरस्ट्रोक, 14 हजार रोजगार की तैयारी

मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। दरअसल केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग के साथ हुए समझौते के बाद ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किया जाएगा।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार के बीच ऐतिहासिक MOU हुआ है। दरअसल ग्वालियर में बनने वाला यह देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स हब होगा जहां 5G, 6G, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग उपकरण और कई हाईटेक डिवाइस तैयार किए जाएंगे। वहीं करीब 3500 करोड़ रुपये के निवेश और 14 हजार रोजगार के अवसर इस परियोजना को प्रदेश की सबसे अहम औद्योगिक योजनाओं में शामिल कर रहे हैं।

दरअसल नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में करीब 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह प्रोजेक्ट केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं बल्कि संचार तकनीक का पूरा इकोसिस्टम होगा। यहां डिजाइन, रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट जैसी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही सरकार का मानना है कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम सेक्टर में नई पहचान बनाएगा और निजी निवेश को भी तेजी मिलेगी।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन से बदलेगी ग्वालियर की औद्योगिक तस्वीर

दरअसल ग्वालियर में बनने वाला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों के लिए बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। इस परियोजना में 5G और 6G नेटवर्क उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग हार्डवेयर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस, सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पाद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार किए जाएंगे। इससे देश में आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना के जरिए करीब 3500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा। इसके साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 14 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। हाईटेक उद्योग आने से आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, छोटे उद्योग, कंपोनेंट निर्माण, स्टार्टअप और तकनीकी शिक्षा संस्थानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के दौर में टेलीकॉम सेक्टर हर क्षेत्र की रीढ़ बन चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में आधुनिक संचार तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन मध्यप्रदेश को नई पहचान देगा। दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां, तेज फैसले, बेहतर सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा कि भारत अब केवल टेलीकॉम उपकरणों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार यह परियोजना “डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया” के लक्ष्य को मजबूत करेगी।

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