त्विशा शर्मा केस : विवेक तन्खा ने अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव से की CBI जांच की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
भोपाल में त्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब इस प्रकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप भी तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीबाआई को मामले की
भोपाल में त्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब इस प्रकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप भी तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीबाआई को मामले की जांच सौंपने की मांग की है।
विवेक तन्खा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि पिछले आठ दिनों से स्थिति पूरी तरह गतिरोध में है और मृतका के परिवार में गहरा अविश्वास बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर की जांच प्रक्रिया पर उनके परिवार को भरोसा नहीं है, जिसके कारण अंतिम संस्कार तक नहीं हो पा रहा है और भावनात्मक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने की सीबीआई जांच की मांग
विवेक तंखा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि पूर्व मिस पुणे त्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच CBI को सौंप दी जाए। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि त्विशा की मृत्यु 12 मई को भोपाल स्थित उनके वैवाहिक घर में हुई थी और तब से यह मामला लगातार विवादों में घिरा हुआ है। परिवार द्वारा जांच पर सवाल उठाए जाने के बाद स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि समय बीतने के साथ साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
सीएम को लिखा पत्र
कांग्रेस नेता ने कहा कि “मृतका का परिवार स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन पर विश्वास खो चुका है। जांच में गंभीर लापरवाहियों के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। मृतका के पति भोपाल न्यायालय में अधिवक्ता हैं और उनकी माता भोपाल की सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश रही हैं। ऐसी स्थिति में जनविश्वास बनाए रखने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने कहा कि CBI ही इस मामले का एकमात्र समाधान है क्योंकि इससे जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच ही जनविश्वास बहाल कर सकती है।