इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने हटाई सप्लाई पर लगी सभी क्षेत्रीय पाबंदियां, पढ़ें पूरी खबर

बीते कुछ ही महीनों में भारत की जनता ने तेल और गैस की काफी किल्लत देखी है। ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी से चले युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक था, जिसकी वजह से कच्चे तेल और गैस की आवाजाही रुकी हुई थी। जिसके कारण देश में गैस और तेल का संकट आन

Jun 25, 2026 - 21:30
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने हटाई सप्लाई पर लगी सभी क्षेत्रीय पाबंदियां, पढ़ें पूरी खबर

बीते कुछ ही महीनों में भारत की जनता ने तेल और गैस की काफी किल्लत देखी है। ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी से चले युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक था, जिसकी वजह से कच्चे तेल और गैस की आवाजाही रुकी हुई थी। जिसके कारण देश में गैस और तेल का संकट आन पड़ा था और भारत सरकार ने कुछ पाबंदिया लागू कर दी थी। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच हालात कुछ ठीक होते नजर आ रहे हैं। इस बीच, भारत सरकार ने भी इंडस्ट्रियल और कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने नॉन-डॉमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति पर लगाई गई सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दी हैं। इसके साथ ही, एलपीजी की सप्लाई को पश्चिम एशिया संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया गया है। वहीं, संकट की शुरुआत के दौरान सीमित की गई बल्क एलपीजी आपूर्ति में भी राहत दी गई है। सरकार ने बल्क एलपीजी की उपलब्धता को बढ़ाकर संकट-पूर्व खपत स्तर के 50 प्रतिशत तक कर दिया है, जिससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने उठाया था बड़ा कदम

पश्चिम एशिया संकट के दौरान नॉन-डॉमेस्टिक पैक्ड एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत विशेष आदेश जारी किए थे। इसके तहत C3-C4 स्ट्रीम का उपयोग केवल एलपीजी उत्पादन के लिए अनिवार्य किया गया था और इसे पेट्रोकेमिकल तथा अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों में उपयोग से हटाकर एलपीजी क्षेत्र के लिए आरक्षित किया गया था।

अब नॉन-डॉमेस्टिक पैक्ड एलपीजी उत्पादन में प्रोडक्शन और इम्पोर्टेड एलपीजी कार्गो की पर्याप्त उपलब्धता के अनुमान को देखते हुए सरकार ने C3-C4 स्ट्रीम की एलपीजी पूल में हिस्सेदारी कम करने का निर्णय लिया है।

प्रतिदिन 40 हजार मीट्रिक टन उत्पादन बनाए रखने का लक्ष्य

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, गैर-एलपीजी उपयोगों के लिए C3-C4 स्ट्रीम का आवंटन बढ़ाया जाएगा। हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू एलपीजी की उपलब्धता पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और देश में कुल घरेलू एलपीजी उत्पादन प्रतिदिन न्यूनतम 40 हजार मीट्रिक टन के स्तर पर बना रहे।

वहीं भारत सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे औद्योगिक एवं वाणिज्यिक एलपीजी ग्राहकों का पूरा डेटा बनाए रखें जिससे कुशल योजना और आपूर्ति प्रबंधन को सुगम बनाया जा सके। ओएमसी के बीच एक एकीकृत क्षेत्रीय डेटाबेस भी रखा जाएगा ताकि निगरानी एवं संचालन समन्वय को मजबूत किया जा सके।