भोपाल में Ola-Uber बंद, रेलवे स्टेशन पर यात्री परेशान, ऑटो वाले मांग रहे डेढ़ से दो गुना किराया

भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल का असर अब सीधे आम यात्रियों पर दिखाई देने लगा है। सोमवार रात 12 बजे से Ola, Uber समेत दूसरी ऑनलाइन कैब सेवाओं का संचालन बंद है। सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई लोगों ने मोबाइल से बार-बार कैब

Aug 18, 2026 - 12:30
भोपाल में Ola-Uber बंद, रेलवे स्टेशन पर यात्री परेशान, ऑटो वाले मांग रहे डेढ़ से दो गुना किराया

भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल का असर अब सीधे आम यात्रियों पर दिखाई देने लगा है। सोमवार रात 12 बजे से Ola, Uber समेत दूसरी ऑनलाइन कैब सेवाओं का संचालन बंद है।

सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई लोगों ने मोबाइल से बार-बार कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी उपलब्ध नहीं हुई। सामान लेकर स्टेशन के बाहर इंतजार करते यात्रियों के सामने आखिरकार ऑटो ही विकल्प बचा।

भोपाल में Ola-Uber कैब बंद होने से रेलवे स्टेशन पर बढ़ी परेशानी

टैक्सी चालक संघ की हड़ताल का सबसे साफ असर मंगलवार सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया। आम दिनों में ट्रेन से उतरने के बाद यात्री मोबाइल से ऑनलाइन कैब बुक कर लेते हैं और कुछ ही देर में वाहन स्टेशन के बाहर पहुंच जाता है। लेकिन हड़ताल के कारण स्थिति बदल गई। यात्रियों ने कई बार Ola-Uber और दूसरी कैब सेवाओं पर वाहन तलाशने की कोशिश की, लेकिन कैब उपलब्ध नहीं हुई।

ऑटो बना यात्रियों का सहारा

कैब सेवाएं बंद होने के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन पर ऑटो यात्रियों का सबसे बड़ा सहारा बने। लेकिन कुछ यात्रियों ने ऑटो चालकों पर ज्यादा किराया मांगने का आरोप लगाया। यात्रियों का कहना है कि सामान्य दिनों में जिस दूरी के लिए एक तय किराया या ऐप आधारित किराया आसानी से मिल जाता है, उसके लिए अब कुछ ऑटो चालक ज्यादा पैसे मांग रहे हैं। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनसे डेढ़ से दो गुना तक किराया मांगा गया।

हालांकि हर ऑटो चालक पर ज्यादा किराया लेने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। लेकिन अगर हड़ताल के कारण कैब की उपलब्धता कम है और ऑटो की मांग अचानक बढ़ गई है, तो कुछ जगहों पर यात्रियों से अधिक किराया मांगने की शिकायतें सामने आ सकती हैं।

ओवरचार्जिंग पर RTO का रुख

भोपाल RTO जितेंद्र शर्मा ने कहा है कि कैब संगठन से जुड़े लोगों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह की ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे यात्रियों के लिए एक जरूरी बात सामने आती है। अगर कोई ऑटो या कैब चालक तय नियमों से ज्यादा किराया मांगता है, तो यात्री शिकायत कर सकते हैं।

19 अगस्त को टैक्सी चालकों का प्रदर्शन

हड़ताल के अगले चरण में संयुक्त मोर्चे की ओर से 19 अगस्त को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर टैक्सी चालकों की मांगों के जल्द समाधान की मांग की जाएगी।

टैक्सी चालक संगठनों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों तक अपनी समस्याएं पहुंचाना है।

टैक्सी चालकों का कहना है कि मौजूदा किराए में वाहन चलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल या सीएनजी का खर्च, वाहन की किस्त, बीमा, सर्विसिंग और टायर जैसे खर्च बढ़ते जा रहे हैं, जबकि उनके अनुसार यात्रियों से मिलने वाला किराया उसी हिसाब से नहीं बढ़ा है।

किराया तय करना टैक्सी चालकों की सबसे बड़ी मांग

टैक्सी चालक संघ की सबसे बड़ी मांग सरकार की ओर से टैक्सी का उचित और स्थायी किराया तय करने की है। संगठन का कहना है कि अभी एग्रीगेटर कंपनियां अपनी व्यवस्था के अनुसार किराया तय करती हैं। इससे ड्राइवरों की कमाई में स्थिरता नहीं रहती।

संघ पहले ही 22 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर किराया, इसके अलावा 1 से 2 रुपये प्रति मिनट टाइम चार्ज और बेस फेयर लागू करने की मांग कर चुका है। टैक्सी चालकों का कहना है कि अगर सरकार एक स्पष्ट किराया तय कर दे तो यात्रियों और ड्राइवर दोनों के लिए व्यवस्था ज्यादा साफ हो सकती है।

प्राइवेट नंबर की कार और बाइक से कैब चलाने पर भी रोक की मांग

टैक्सी चालक संगठन सिर्फ किराए को लेकर ही आंदोलन नहीं कर रहा है। संयुक्त मोर्चे ने एग्रीगेटर कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे नॉन-कमर्शियल वाहनों को लेकर भी सवाल उठाया है। संगठन का कहना है कि प्राइवेट नंबर की कार, बाइक और ई-रिक्शा का व्यावसायिक इस्तेमाल कमर्शियल टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए नुकसानदायक है। उनका आरोप है कि जब प्राइवेट नंबर वाले वाहन भी ऑनलाइन बुकिंग लेकर यात्रियों को ले जाते हैं तो कमर्शियल टैक्सी ड्राइवरों को मिलने वाली सवारियां कम हो जाती हैं।

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।