भोपाल में UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक, विवाह-तलाक और संपत्ति अधिकारों पर भाजपा ने रखा अपना पक्ष, कांग्रेस समेत विपक्षी दल रहे नदारद

राजधानी भोपाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) ड्राफ्टिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आदिवासी अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे प्रमुख मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी दल बैठक से अनुपस्थित रहे। मध्य प्रदेश में समान

Jun 22, 2026 - 20:30
भोपाल में UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक, विवाह-तलाक और संपत्ति अधिकारों पर भाजपा ने रखा अपना पक्ष, कांग्रेस समेत विपक्षी दल रहे नदारद

राजधानी भोपाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) ड्राफ्टिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आदिवासी अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे प्रमुख मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी दल बैठक से अनुपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आई है। सोमवार को भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में विभिन्न आयोगों, विभागों तथा विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। आदिवासी समुदाय, महिलाओं के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य शत्रुघ्न सिंह ने जानकारी दी। वे उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूसीसी की वेबसाइट पर लाखों सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों तथा विभिन्न संस्थाओं से मिले फीडबैक के आधार पर ही कानून का प्रारूप निर्मित किया जाएगा। उनका मानना है कि किसी भी कानून को लागू करने से पूर्व समाज के सभी वर्गों के विचारों का समावेश आवश्यक है।

UCC में आदिवासी समुदाय को शामिल करने या बाहर रखने पर गहन मंथन

आदिवासियों को लेकर चार प्रमुख विकल्प सामने आए हैं। बैठक में अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी के दायरे में शामिल करने या बाहर रखने पर विस्तृत चर्चा हुई। शत्रुघ्न सिंह ने चार प्रकार के सुझावों का उल्लेख किया। पहला सुझाव है कि आदिवासी समुदाय को यूसीसी से पूरी तरह बाहर रखा जाए। दूसरा सुझाव उन्हें यूसीसी के पूर्ण दायरे में लाने का है। तीसरा विकल्प केवल विवाह पंजीकरण जैसे सीमित मामलों में यूसीसी लागू करने का है। चौथा सुझाव इसे आदिवासी समुदाय के लिए वैकल्पिक रखने का है। इससे वे अपनी इच्छा अनुसार इसके दायरे में आ सकते हैं अथवा नहीं।

लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं और बच्चों के अधिकार पर चर्चा

लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं और बच्चों के अधिकार एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। कमेटी ने इस विषय पर भी विचार-विमर्श किया। शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है। दो बालिग व्यक्तियों का साथ रहना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। हालांकि, महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि ऐसे संबंधों में रहने वाली महिला तथा उनसे जन्म लेने वाले बच्चों को क्या कानूनी अधिकार प्राप्त हों। कमेटी इस विषय पर प्राप्त सुझावों का भी गहन अध्ययन कर रही है।

भाजपा ने विवाह, तलाक तथा संपत्ति अधिकार से संबंधित सुझाव पेश किए

भारतीय जनता पार्टी ने विवाह, तलाक तथा संपत्ति अधिकार से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार, गोद लेने, भरण-पोषण, अभिभावकत्व जैसे विषयों पर सुझाव दिए। परिवार से जुड़े दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का भी सुझाव दिया गया। भाजपा ने बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुरक्षा का समर्थन किया। वैवाहिक संपत्ति के अधिकार तथा त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की भी पैरवी की गई।

विवाह में पारदर्शिता पर जोर

विवाह में पारदर्शिता तथा तथ्य छिपाने पर नियंत्रण आवश्यक है। विवाह एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं कानूनी संस्था है। इसका आधार विश्वास, पारदर्शिता तथा स्वैच्छिक सहमति होती है। अतः विवाह से पूर्व दोनों पक्षों द्वारा महत्वपूर्ण तथ्यों का सत्य एवं पूर्ण प्रकटीकरण सुनिश्चित होना चाहिए। भाजपा ने सुझाव दिया है कि विवाह से पूर्व दोनों पक्षों द्वारा पहचान, वैवाहिक स्थिति, पूर्व विवाह, तलाक, नागरिकता तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का सत्यापन एवं प्रकटीकरण अनिवार्य किया जाए। जानबूझकर गलत जानकारी देने, महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने अथवा मिथ्या प्रस्तुतीकरण के आधार पर विवाह करने को दंडनीय अपराध घोषित करने की भी मांग की गई।

एनआरआई विवाहों में धोखाधड़ी तथा फर्जी जानकारी छिपाने पर भी सख्त नियम बनाने की बात कही गई। भाजपा ने कमेटी के समक्ष एनआरआई विवाहों में होने वाली धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया। उम्र, वैवाहिक स्थिति, जाति अथवा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाकर विवाह करने के मामलों में सख्त नियम बनाने का सुझाव दिया गया। परित्यक्त महिलाओं के अधिकारों को भी यूसीसी में शामिल करने की मांग की गई है।

राहुल कोठारी ने आदिवासी अधिकारों को यथावत रखने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि जनजातीय समाज को वर्तमान में प्राप्त अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए। आदिवासी समुदाय से जुड़े अधिकारों को लेकर पार्टी का रुख पूर्व से ही स्पष्ट है। इन अधिकारों को संरक्षित रखा जाना आवश्यक है।

यूसीसी बैठक से कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी दल रहे दूर

बैठक में कांग्रेस अनुपस्थित रही। राजनीतिक दलों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया था। कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी दलों का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। केवल भाजपा की ओर से राहुल कोठारी ने सुझाव प्रस्तुत किए। इस पर भाजपा ने कांग्रेस पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि महत्वपूर्ण विषयों पर विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने से बच रहा है।

मसौदा सभी पक्षों से चर्चा के बाद अंतिम रूप लेगा। यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी अब विभिन्न विभागों, आयोगों, राजनीतिक दलों, धर्मगुरुओं तथा सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण करेगी। इसके पश्चात तैयार मसौदे को अंतिम रूप प्रदान किया जाएगा। आदिवासी अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा तथा पारिवारिक कानूनों में समानता जैसे मुद्दे यूसीसी के सबसे अहम हिस्से होंगे, ऐसा माना जा रहा है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।