ईरान का खौफ या कोई नई खुफिया रणनीति? जानें क्यों तुर्किए में फ्लाइट बदलकर दुनिया को गच्चा दे गए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

तुर्किए में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ा चकमा! ईरान के खतरे के बीच ट्रंप को कैटरिंग ट्रक से छिपाकर सीक्रेट जेट में शिफ्ट किया गया। पत्रकारों को भी नहीं लगी भनक। जानें इस सीक्रेट ऑपरेशन की पूरी कहानी।

Aug 11, 2026 - 08:30
ईरान का खौफ या कोई नई खुफिया रणनीति? जानें क्यों तुर्किए में फ्लाइट बदलकर दुनिया को गच्चा दे गए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला और फिल्मी खुलासा हुआ है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने नाटो (NATO) सम्मेलन से लौटते वक्त तुर्किए के एयरपोर्ट पर एक बड़ा ड्रामा रचा गया। पूरी दुनिया और मीडिया को दिखाया कुछ और गया, जबकि पर्दे के पीछे राष्ट्रपति को बेहद गुपचुप तरीके से एक छोटे सैन्य विमान से बाहर निकाला गया।

ईरान का डर या महाशक्ति की सबसे बड़ी सीक्रेट प्लानिंग?

इस पूरे ड्रामे के पीछे ईरान से मिल रही हत्या की धमकियों और सुरक्षा चिंताओं को वजह बताया जा रहा है। तुर्किए के अंकारा से रवाना होते समय व्हाइट हाउस ने यही मैसेज दिया था कि ट्रंप अपने अपग्रेडेड और नए एयरफोर्स वन से लौट रहे हैं। खुद ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि वे पुरानी यादों को ताजा करने के लिए पुराने जेट से जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में दुश्मनों और खुफिया एजेंसियों को चकमा देने की योजना बनाई जा चुकी थी।

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कैटरिंग ट्रक का सहारा और खिड़कियों के बंद पर्दे

ट्रंप कैमरों के सामने आधिकारिक एयरफोर्स वन के अंदर दाखिल हुए, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसकी भनक उनके साथ सफर कर रहे पत्रकारों और स्टाफ तक को नहीं लगी। राष्ट्रपति को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक में छुपाकर चुपचाप एयर फोर्स के एक छोटे विमान (Air Force C-32A) में पहुंचाया गया। पूरे रास्ते पत्रकारों से कहा गया कि वे अपनी खिड़कियों के पर्दे बंद रखें।

खतरनाक उड़ान और ब्रिटेन का सीक्रेट टचडाउन

इस सीक्रेट प्लान के तहत ट्रंप बेहद गुपचुप तरीके से ब्रिटेन के ‘RAF मिल्डनहॉल’ पहुंचे। उनके उतरने के कुछ ही मिनट बाद मीडिया को लेकर आ रहा ‘नकली/फर्जी’ एयरफोर्स वन भी वहीं लैंड हुआ। बाद में ट्रंप वापस अपने मुख्य विमान में आए। जब रिपोर्टर्स ने इस पर सवाल किया, तो ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा, “यह एक खतरनाक उड़ान हो सकती थी और अगर मुझे कुछ होता तो आप भी मेरे साथ ही जाते!”

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आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है; साल 2000 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के पाकिस्तान दौरे के समय भी दुश्मनों को चकमा देने के लिए इसी तरह डमी एयरफोर्स वन का इस्तेमाल किया गया था।

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