Middle east war: अमेरिका ने मांगा 200 अरब डॉलर का युद्ध फंड, ईरान ने इस प्लांट्स पर हमले को लेकर दी चेतावनी

मिडिल ईस्ट की जंग अब तेल और पानी के संकट में बदल गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है। वहीं, अमेरिका 200 अरब डॉलर के युद्ध फंड की तैयारी में है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

Mar 23, 2026 - 10:30
Middle east war: अमेरिका ने मांगा 200 अरब डॉलर का युद्ध फंड, ईरान ने इस प्लांट्स पर हमले को लेकर दी चेतावनी

New Delhi: ईरान ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके पावर प्लांट या किसी भी रणनीतिक ठिकाने को निशाना बनाता है, तो वह जवाबी कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर देगा। हालांकि फिलहाल यह मार्ग बंद नहीं है, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि युद्ध के बढ़ते डर के कारण बीमा कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही पहले ही ठप होने लगी है।

दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से गुजरता है, और अगर यह बंद हुआ तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेल की कीमतों का एक ऐसा विस्फोट होगा जिससे निपटना नामुमकिन हो सकता है। ईरान ने अपनी धमकी का दायरा बढ़ाते हुए यह भी संकेत दिया है कि वह केवल तेल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले ‘डिसैलिनेशन प्लांट्स’ को भी निशाना बना सकता है, जिससे आम जनता का जीवन सीधे तौर पर संकट में पड़ जाएगा।

वाशिंगटन की रणनीति: लंबी जंग के लिए भारी-भरकम बजट

यूपी में थमी आंधी-बारिश, अब बढ़ेगा तापमान; जानें लखनऊ, नोएडा और वाराणसी का ताजा मौसम अपडेट

दूसरी ओर, अमेरिका भी इस गतिरोध में पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ किया है कि वर्तमान में युद्ध के खर्च के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन लंबी खींचने वाली जंग की तैयारी के मद्देनजर वे कांग्रेस से लगभग 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त फंड की मांग कर सकते हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इस वित्तीय मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे भविष्य की सैन्य सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया है।

आर्थिक चुनौतियां और घरेलू विरोध का सामना

हालांकि, अमेरिका के भीतर ही इस भारी-भरकम बजट को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। सांसदों का तर्क है कि पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर मौजूद रक्षा बजट के बीच इतना बड़ा अतिरिक्त बोझ उठाना सही नहीं होगा, खासकर तब जब जंग के शुरुआती छह दिनों में ही अमेरिका को 11 अरब डॉलर का भारी खर्च उठाना पड़ा है।

जंग का असर भारत तक, मोदी सरकार ने जमाखोरी और सप्लाई संकट पर कसा शिकंजा, मंत्रियों संग बनाई बड़ी रणनीति

विशेषज्ञों को डर है कि यह संघर्ष इराक और अफगानिस्तान जैसी लंबी और महंगी लड़ाइयों की याद ताजा कर सकता है। इस बढ़ते तनाव के बीच वेस्ट बैंक में भी स्थिति अनियंत्रित होती जा रही है, जहां इजरायली बस्तियों के निवासियों और फिलिस्तीनियों के बीच बढ़ती हिंसा ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।

MpToday Editor MP Today के पास 27 years का journalism experience है। इस दौरान MP Today ने Madhya Pradesh की कई बड़ी media agencies और news organizations के साथ काम किया है और ground reporting से लेकर editorial analysis तक मजबूत पहचान बनाई है। MP Today की टीम ने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, विकास, crime और public interest news पर लगातार काम किया है। लंबे अनुभव और reliable sources की वजह से MP Today हमेशा accurate, fast और trustworthy news देने के लिए जाना जाता है।