फारूक अब्दुल्ला पर हमले के मामले में SIT ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, किए कई बड़े खुलासे

जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में शुक्रवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश के हाई-प्रोफाइल मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस संवेदनशील मामले में अपनी जांच पूरी करते हुए

May 8, 2026 - 23:30
फारूक अब्दुल्ला पर हमले के मामले में SIT ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, किए कई बड़े खुलासे

जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में शुक्रवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश के हाई-प्रोफाइल मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस संवेदनशील मामले में अपनी जांच पूरी करते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस चार्जशीट में हमले की गहरी साजिश और आरोपी को लेकर कई अहम खुलासे किए गए हैं, जो जांच दल के गहन अनुसंधान का परिणाम हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल चार्जशीट और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना 11 मार्च, 2026 को घटित हुई थी। डॉ. फारूक अब्दुल्ला उस दिन जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क बैंक्वेट हॉल में एक वैवाहिक समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। यह घटना तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री समारोह संपन्न कर वापस लौट रहे थे। रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर, जब वे हॉल से बाहर निकल रहे थे, उसी समय वहां पहले से मौजूद एक व्यक्ति ने उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह जमवाल ने अपनी रिवॉल्वर निकाली और पूर्व मुख्यमंत्री पर अत्यंत करीब से गोली चलाने की कोशिश की।

आरोपी को तत्काल दबोच लिया गया था

आरोपी कमल सिंह जमवाल पुरानी मंडी का निवासी है और उसके पिता का नाम अजीत सिंह जमवाल है। इस गंभीर वारदात में डॉ. फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को तत्काल दबोच लिया। पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी और तत्परता के कारण एक बड़ी अनहोनी और संभावित जानलेवा घटना टल गई, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई।

SIT का गठन किया गया था

पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में हुई इस बड़ी सेंध और जानलेवा हमले की गंभीरता को देखते हुए, मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जम्मू जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) भीम सेन टूटी ने 14 मार्च को इस महत्वपूर्ण 7 सदस्यीय टीम के गठन के निर्देश दिए थे। इस टीम का नेतृत्व डीआईजी (DIG), जम्मू-सांबा-कठुआ (JSK) रेंज की देखरेख में किया गया। SIT का मुख्य उद्देश्य हमले के पीछे की गहरी साजिश, इसके सभी पहलुओं और हत्या की नाकाम कोशिश की विस्तृत जांच करना था, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

इस गंभीर वारदात के तुरंत बाद, पुलिस स्टेशन गंग्याल, जम्मू में आरोपी कमल सिंह जमवाल के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने FIR नंबर 29/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (अपराध के लिए उकसाना) और आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) की धारा 3/25 (बिना लाइसेंस हथियार रखना और उपयोग करना) के तहत केस दर्ज कर अपनी विस्तृत जांच शुरू की थी। इस मामले में गहन अनुसंधान के उपरांत सभी सबूतों और तथ्यों को एकत्र कर अब चार्जशीट अदालत के समक्ष विधिवत प्रस्तुत कर दी गई है।