“अगर बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई तो मांसाहारी भोजन पर लगा देगी प्रतिबंध..” ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना भी कर देगी बंद, चुनावी रैली में बोलीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी राज्य में सत्ता में आई तो मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा देगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मछली का जिक्र किया, कहा कि मछली

Mar 29, 2026 - 16:30
“अगर बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई तो मांसाहारी भोजन पर लगा देगी प्रतिबंध..” ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना भी कर देगी बंद, चुनावी रैली में बोलीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी राज्य में सत्ता में आई तो मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा देगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मछली का जिक्र किया, कहा कि मछली खाने पर भी बैन लगा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी मांसाहारी चीजों को भी बंद करा दिया जाएगा, जिससे लोगों की खान-पान की आजादी प्रभावित होगी। ममता बनर्जी का यह बयान सीधे तौर पर भाजपा की कथित नीतियों और सांस्कृतिक हस्तक्षेप को लेकर मतदाताओं में चिंता पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

ममता ने बीजेपी पर योजनाओं को बंद करने का लगाया आरोप

अपनी रैली में ममता बनर्जी ने बीजेपी पर राज्य की लोक कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल में बीजेपी सत्ता में आती है, तो वह ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद कर देगी। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को भी बंद कर दिया जाएगा, जिससे लाखों लोगों को मिलने वाला लाभ रुक जाएगा। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बंगाल जीतने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल सत्ता हासिल करने के लिए लोगों को गुमराह कर रही है और उनकी बुनियादी जरूरतों से समझौता करने को तैयार है।

ममता ने चुनाव प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल

ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले ‘SIR’ (सर्वे, आइडेंटिफिकेशन और रिमूवल) के जरिए 1.2 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। यह एक गंभीर आरोप है, जो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब बीजेपी की मिलीभगत से हुआ है ताकि चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सके। ममता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बीजेपी उन्हें और उनकी पार्टी के लोगों को हर तरह से परेशान कर रही है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा बंगाल चुनाव हारेगी। उन्होंने बंगाल की जनता से एकजुट होकर भाजपा को जवाब देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने अपनी रैली के दौरान जनता से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अपनी संस्कृति, अपनी पहचान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होंगे। ममता बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा की रणनीति लोगों को बांटने की है, लेकिन बंगाल अपनी “विविधता में एकता” की परंपरा को कायम रखेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता कभी भी बाहरी ताकतों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देगी और हर चुनौती का सामना मिलकर करेगी। ममता बनर्जी ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार हमेशा उनके हितों की रक्षा करेगी और किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी।

रैली से पहले जैन मंदिर में दिखीं ममता, बताया सरकारी प्रयास

रैली को संबोधित करने से पहले, ममता बनर्जी पुरुलिया में एक जैन मंदिर पहुंचीं और वहां प्रार्थना की। उन्होंने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया। ममता ने लिखा, “मुझे पुरुलिया में जैन मंदिर जाने का सौभाग्य मिला, जहां मैंने इस धरती पर रहने वाली हर आत्मा के स्वास्थ्य, शांति और कल्याण के लिए प्रार्थना की।” यह उनकी ओर से सभी धर्मों के प्रति सम्मान और समावेशिता का संदेश था, जिसे उन्होंने अपनी राजनीतिक विचारधारा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

पवित्र क्षणों के दौरान अपनी प्रार्थनाओं के बारे में बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनके हृदय में सबसे ऊपर एक ही प्रार्थना थी कि बंगाल के लोग सुरक्षित और स्नेहपूर्ण हाथों में रहें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हम सभी को एकता, एकजुटता और समावेशिता के मार्ग पर मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। ममता ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि हर नागरिक के अधिकारों और गरिमा को सदैव बनाए रखा जाए और उनकी रक्षा की जाए। यह बयान उनके धर्मनिरपेक्ष छवि को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।

ममता बनर्जी ने जैन समुदाय के साथ अपनी बातचीत को अत्यंत समृद्ध और सार्थक बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उनकी सरकार ने जैन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने एक ‘जैन मानस्तंभ’ की स्थापना की है। इसके अतिरिक्त, ‘न्यू टाउन’ में एक जैन मंदिर के निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि भी आवंटित की गई है। यह कदम जैन समुदाय के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इसे अल्पसंख्यक समुदाय के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी ने बंगाल की शक्ति का किया जिक्र

अपनी बात समाप्त करते हुए ममता बनर्जी ने बंगाल की सबसे बड़ी शक्ति का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “बंगाल को अपनी सबसे बड़ी शक्ति सदैव ‘विविधता में एकता’ के मंत्र से ही प्राप्त हुई है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार इन आदर्शों को सदैव संजोकर रखेगी और उन्हें बढ़ावा देगी। यह संदेश भाजपा की कथित धार्मिक और सांस्कृतिक ध्रुवीकरण की राजनीति के मुकाबले, बंगाल की समावेशी पहचान को मजबूत करने की एक कोशिश थी। रैली में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर एक बार फिर निशाना साधा, और यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य के लोगों के अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।