ईरान ने तोड़ दी अमेरिका की ‘अजेय ताकत’? सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली युद्ध की सच्चाई
मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर सामने आई नई तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सैन्य ताकत को जितना सुरक्षित बताया गया था, हकीकत उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है। सैटेलाइट विश्लेषण में जो दिखाई दिया, उसने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
New Delhi: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब केवल सीमित सैन्य टकराव नहीं रह गया है। हाल ही में सामने आए सैटेलाइट विश्लेषण ने इस युद्ध को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर इतने बड़े हमले किए हैं, जिनकी वास्तविक तस्वीर अब तक दुनिया से छिपी रही।
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कम से कम 228 अमेरिकी सैन्य संरचनाएं और उपकरण या तो पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह आंकड़ा उन आधिकारिक दावों से कहीं बड़ा बताया जा रहा है, जो अब तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से सामने आए थे।
सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली तबाही की परतें
सैन्य विशेषज्ञों और सैटेलाइट इमेज एनालिस्ट्स ने जो तस्वीरें जारी की हैं, उनमें कई अमेरिकी एयर बेस, संचार केंद्र और रक्षा प्रणालियां क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि ईरान ने सिर्फ इमारतों या हथियारों को नहीं, बल्कि अमेरिका की सैन्य कम्युनिकेशन और डेटा नेटवर्क प्रणाली को भी निशाना बनाया। इसे अमेरिकी रक्षा तंत्र की “डिजिटल रीढ़” माना जाता है।
एयर बेस और विमानों को भारी नुकसान
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तैनात ईंधन टैंकर और ई-3 सेंट्री विमान प्रभावित हुए हैं। ये विमान हवाई निगरानी और कमांड कंट्रोल सिस्टम के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। इसके अलावा कई हैंगर और तकनीकी यूनिट्स भी हमलों की चपेट में आई हैं।
Trump Vs Pope: ईरान युद्ध पर बढ़ा टकराव, परमाणु हथियारों को ट्रंप और पोप आमने-सामने
मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी बने निशाना
ईरान के हमलों में कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी रक्षा उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, THAAD रडार यूनिट्स और कई इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तंत्र प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य अमेरिका की रक्षात्मक क्षमता को कमजोर करना था।
सैनिकों के बैरक और ईंधन डिपो तबाह
सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक कई सैन्य ठिकानों पर सैनिकों के रहने वाले बैरक, डाइनिंग हॉल, जिम और ईंधन डिपो मलबे में बदल चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला केवल सैन्य क्षमता पर नहीं, बल्कि सैनिकों के मनोबल पर भी सीधा असर डालने के लिए किया गया।
संचार केंद्रों पर सीधा हमला
कतर के अल-उदेद एयर बेस पर मौजूद सैटेलाइट संचार केंद्रों और रडार गुंबदों को भी गंभीर क्षति पहुंचने की बात सामने आई है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, ईरान ने रणनीतिक रूप से उन इमारतों को निशाना बनाया जहां डेटा प्रोसेसिंग, कूलिंग सिस्टम और बिजली नियंत्रण मौजूद थे। इससे रडार और रक्षा प्रणाली तकनीकी रूप से निष्क्रिय हो सकती है।
अमेरिकी दावों पर उठे सवाल
इस रिपोर्ट के बाद अमेरिकी प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जहां आधिकारिक बयान अपेक्षाकृत कम नुकसान की बात कर रहे थे, वहीं नई रिपोर्ट कहीं ज्यादा गंभीर तस्वीर पेश कर रही है।बताया गया है कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय और कुवैत के कई सैन्य अड्डों को भारी क्षति हुई है।
Defence Stocks India: ऑपरेशन सिंदूर ने निवेशकों पर बरसाए खूब पैसे