सीएम रेखा गुप्ता की द्वारका को बड़ी सौगात, इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज बनाने का किया ऐलान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 805.99 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी, जो न केवल दिल्ली के हेल्थ
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 805.99 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी, जो न केवल दिल्ली के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि देश के भविष्य के डॉक्टरों के लिए भी नए द्वार खोलेगी।
इस नए मेडिकल कॉलेज में प्रतिवर्ष 250 एमबीबीएस (MBBS) सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। यह कदम चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा और डॉक्टरों की कमी को पूरा करने में भी सहायक होगा। कॉलेज के साथ-साथ परिसर में छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल और रेजिडेंशियल ब्लॉक का भी निर्माण किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि छात्रों और फैकल्टी को कैंपस के भीतर ही विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हों, जिससे उन्हें पढ़ाई और शोध के लिए एक उत्कृष्ट और सुविधाजनक माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दिल्ली का लक्ष्य केवल उपचार के लिए ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होना है। द्वारका में बनने वाला यह मेडिकल कॉलेज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है, जो राजधानी को चिकित्सा शिक्षा के मानचित्र पर एक अग्रणी स्थान दिलाएगा।
हरियाली और प्राकृतिक रोशनी को दी जाएगी प्राथमिकता
इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता इसका पर्यावरण-अनुकूल निर्माण स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पूरा प्रोजेक्ट ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। भवन के निर्माण में ऊर्जा की बचत और जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। परिसर में हरियाली और प्राकृतिक रोशनी को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे यह न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के लिए भी एक सुखद और प्रेरणादायक अध्ययन वातावरण प्रदान करेगा। इस ‘ग्रीन कैंपस’ की अवधारणा दिल्ली को एक स्थायी और आधुनिक शैक्षणिक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा योगदान देगी।
कई चरणों में पूरी होगी यह परियोजना
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि इस वृहद परियोजना को विभिन्न चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में अकादमिक ब्लॉक, छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल और शिक्षकों के लिए सुविधाजनक आवासों का निर्माण किया जाएगा। यह चरण लगभग 1,17,246 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें लगभग 34,000 वर्गमीटर का एक विशाल बेसमेंट भी शामिल होगा। इस बेसमेंट में पर्याप्त पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो परिसर के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
अत्याधुनिक लैब और स्मार्ट क्लासरूम से लैस होगा कैंपस
अकादमिक ब्लॉक बहुमंजिला होगा, जिसमें अत्याधुनिक क्लासरूम, सुसज्जित लैब और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जो छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में सहायक होंगी। हॉस्टलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी, जबकि फैकल्टी के लिए भी आधुनिक और आरामदायक आवास तैयार किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी निर्माण कार्य का जिम्मा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) संभालेगा, जबकि इसकी प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी। यह परियोजना दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
दिल्ली सरकार द्वारा द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में ₹805.99 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्टल, फैकल्टी आवास और आधुनिक अकादमिक ब्लॉक विकसित किया जाएगा।
एनएमसी मानकों के अनुरूप बनने वाला यह मेडिकल कॉलेज दिल्ली में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक… pic.twitter.com/TFxy0rzgKd
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 7, 2026