हंगामे के बीच सीएम मोहन यादव का विपक्ष पर हमला, बोले- UCC पर कांग्रेस का दोहरा रवैया नहीं चलेगा
मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि UCC में देरी का कलंक भी विपक्ष पर लगेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस कानून को सभी वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है और विपक्ष
मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि UCC में देरी का कलंक भी विपक्ष पर लगेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस कानून को सभी वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है और विपक्ष को इसका विरोध छोड़कर समर्थन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 74 फीसदी मुस्लिम महिलाओं और 38 फीसदी मुस्लिम पुरुषों ने विधेयक का समर्थन किया है। वहीं 90 फीसदी ईसाई समुदाय ने भी इसके पक्ष में राय दी। उन्होंने दावा किया कि पहली बार 10 लाख से अधिक लोगों ने किसी विधेयक का समर्थन किया है।
डॉ. यादव ने कहा कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि भेदभाव खत्म करने के लिए है। सभी धर्मों के लोग अपनी परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर सकेंगे, लेकिन सभी के लिए कानूनी प्रावधान समान होंगे। उन्होंने कहा कि हर विवाह का सरकारी पंजीकरण अनिवार्य होगा, मध्यप्रदेश में दूसरा विवाह मान्य नहीं होगा और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं।
UCC में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC लागू होने से प्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी और मध्यप्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ने वाले चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून में किसी भी मजहब के साथ भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है।
सोच में ही खोट उसे हर चीज तिरछी दिखाई देती है
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सोच में ही खोट है, इसलिए उसे हर चीज तिरछी दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि संविधान की किताब लहराने वालों का पाखंड नहीं चलेगा और देश की अखंडता के लिए UCC जरूरी है।
सीएम ने कांग्रेस को याद दिलाये पुराने फैसले
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को उसके पुराने फैसलों की याद दिलाते हुए कहा कि 1969 में इसी विधानसभा में कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर समान कानून कांग्रेस सरकार ने ही पारित कराया था। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समान कानून का समर्थन कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब दोहरे मापदंड स्वीकार नहीं करेगी।
कांग्रेस को अपने चरित्र की कीमत चुकानी पड़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा हिन्दू मुसलमान के बीच बांटने की वोट बैंक के चश्मे से देखने की कांग्रेस नीति को आज पूरे प्रदेश ने देखा है जब कांग्रेस को UCC बिल की कमेटी में बुलाया गया तो वो मैदान छोड़कर भाग गई उसने अपने वोटबैंक नुकसान देखा, जब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष विरोध नहीं कर रहे वो तो आरिफ मसूद को आगे कर रहे हैं, उन्हें लगता है इससे हिन्दू मुसलमान के वोट का फर्क पड़ेगा, कांग्रेस को अपने इस चरित्र की कीमत चुकानी पड़ेगी।
आरिफ मसूद बोले ये बिल असंवैधानिक
उदहर आरिफ मसूद ने कहा जब केंद्र ने ये बिल पारित नहीं किया लॉ कमीशन ने मना कर दिया सुप्रीम कोर्ट में भी मामला गया फिर इसकी एमपी सरका रको क्या आवश्यकता है कि इसे लागू करे, उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि इसमें 408 खंड हैं मैं चुनौती देता हूँ मंत्री को वे 25 खंड गिनकर बताएं ये असंवैधानिक बिल था हम इसपर लीगल बात करेंगे।