MP के 20 जिलों के 89 अनुसूचित जनजाति विकासखण्ड में “मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम” योजना लागू, इस तरह मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश में “मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम” योजना लागू हो गई है। योजना के जरिए 20 जिलों के 89 जनजाति विकासखंडों के 6,575 से अधिक गांवों में राशन सीधे घर-आंगन तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही परिवहन व्यवस्था से स्थानीय जनजाति युवाओं को स्वरोजगार भी मिल रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण […]

Aug 31, 2026 - 17:30
MP के 20 जिलों के 89 अनुसूचित जनजाति विकासखण्ड में “मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम” योजना लागू, इस तरह मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश में “मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम” योजना लागू हो गई है। योजना के जरिए 20 जिलों के 89 जनजाति विकासखंडों के 6,575 से अधिक गांवों में राशन सीधे घर-आंगन तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही परिवहन व्यवस्था से स्थानीय जनजाति युवाओं को स्वरोजगार भी मिल रहा है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश के 20 जिलों के 89 अनुसूचित जनजाति विकासखण्डों की उचित मूल्य दुकानों के आश्रित ग्रामों में राशन सामग्री का परिवहन कर ग्राम में ही वितरण की व्यवस्था के लिये “मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम” योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत 6575 आश्रित ग्रामों के लगभग 7 लाख 13 हजार परिवारों को ग्राम में ही राशन सामग्री का वितरण कराया जाएगा।

मंत्री राजपूत ने बताया है कि राशन सामग्री के परिवहन के लिये 472 सेक्टर बनाए गए हैं। इन सेक्टर्स के ग्रामों में चयनित अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 2 से 3 लाख रुपये प्रति हितग्राही मार्जिन मनी उपलब्ध कराई गई है।

इसके अलावा हितग्राहियों को 1 टन वाहन क्षमता के लिए 24 हजार रुपये एवं 2 टन वाहन क्षमता के लिए 31 हजार रुपये मासिक किराया भुगतान किया जा रहा है। इस प्रकार से योजनांतर्गत जनजाति क्षेत्र के पात्र परिवारों को ग्राम में ही राशन सामग्री प्राप्त होने से उनकी मजदूरी एवं श्रम की बचत हो रही है। साथ ही अनुसूचित जनजाति के युवकों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।

योजना के मुख्य बिंदु:

  • 20 जिलों के 89 अनुसूचित जनजाति विकासखंडों के 6,575 आश्रित गांव और 7.13 लाख परिवार कवर।
  • 472 सेक्टरों के लिए स्थानीय एसटी (ST) वर्ग के हितग्राहियों को बैंक ऋण और राज्य सरकार द्वारा 2 से 3 लाख रुपये की मार्जिन मनी सहायता।
  • वाहनों के किराया भुगतान के रूप में हितग्राहियों को 1 टन क्षमता पर 24,000 रुपये और 2 टन क्षमता पर 31,000 रुपये प्रतिमाह का भुगतान।

 

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।