राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026: भोपाल-रायपुर में आज बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा, जानें पूरी व्यवस्था
देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार, 28 जून को पांच साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। इस अभियान का मकसद हर बच्चे तक वैक्सीन पहुंचाकर पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा देना है। स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों
देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार, 28 जून को पांच साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। इस अभियान का मकसद हर बच्चे तक वैक्सीन पहुंचाकर पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा देना है। स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर लेकर जाएं ताकि कोई भी बच्चा इस जरूरी खुराक से वंचित न रहे।
भोपाल और रायपुर दोनों शहरों में बड़े स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बूथों के साथ-साथ मोबाइल और विशेष टीमें भी तैनात की गई हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को दवा पिलाई जा सके।
भोपाल पल्स पोलियो अभियान की पूरी तैयारी
भोपाल जिले में इस बार पांच वर्ष तक के 3.32 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे जिले में 2,710 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। अभियान की निगरानी के लिए 306 सुपरवाइजर, 121 ट्रांजिट टीमें और 52 मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं, जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, निर्माण स्थलों और अन्य संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर बच्चों को दवा पिलाएंगी।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इला तिवारी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले दिन अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचना प्राथमिकता हो। बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की भी समीक्षा की गई, जिसमें निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रजिस्ट्रेशन तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान और इलाज पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
रायपुर में 1,381 बूथ, घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। जिले में कुल 1,381 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत 3,45,373 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य तय किया है।
यदि कोई बच्चा 28 जून को किसी कारण से बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी। विभाग का कहना है कि पोलियो से बचाव का सबसे असरदार तरीका समय पर वैक्सीन देना है। यही वजह है कि हर बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए हर अभियान में सभी बच्चों की भागीदारी बेहद जरूरी है। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा जरूर पिलाएं। यही छोटी-सी सावधानी बच्चों को जीवनभर के लिए पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकती है।