आदिवासी महिला से दरिंदगी पर भड़के उमंग सिंघार, बोले “कटघरे में सिस्टम”, दोषियों को कठोर सजा देने की मांग
उज्जैन में एक आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना बीजेपी सरकार के महिला सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे दावों को कठघरे में खड़ा करती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती
उज्जैन में एक आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना बीजेपी सरकार के महिला सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे दावों को कठघरे में खड़ा करती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि जब आदिवासी, ग्रामीण और गरीब महिलाएं अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं तो बीजेपी का नारी वंदन का झुनझुना और महिला सुरक्षा का ढोंग साफ उजागर हो जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, उनकी तुरंत गिरफ्तारी हो और ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने।
उमंग सिंघार ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उज्जैन में एक आदिवासी महिला के साथ उसके 12 वर्षीय बेटे के सामने हुई दरिंदगी सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि हथियारबंद बदमाश रात के समय घर में घुसकर परिवार के साथ मारपीट करते हैं, पति को बेबस कर देते हैं और मासूम बच्चे के सामने महिला की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार के महिला सुरक्षा के सारे दावे फेल साबित होते दिख रहे हैं।
कठोर कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार लगातार कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन मुख्यमंत्री के गृह जिले में हुई यह घटना उन दावों की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जब आदिवासी, ग्रामीण और गरीब महिलाएं अपने ही घरों में सुरक्षित नहीं हैं तब महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान की बातें सिर्फ दिखावा बनकर रह जाती हैं। उमंग सिंघार ने सरकार के दोषियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आरोपियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए मिसाल बने। उन्होंने कहा कि अब समय बयानबाजी का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है और सरकार को इस मामले में आवश्यक और ठोस कदम उठाने चाहिए।