US Iran War: मिसाइल, ड्रोन और…, ईरान ने दी खुली चेतावनी- लाखों लड़ाके तैयार, बना देंगे नरक
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि जमीनी हमला हुआ तो उसे ‘नरक’ बना देंगे। दावा किया गया है कि 10 लाख से ज्यादा लड़ाके तैयार हैं। तेहरान में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
New Delhi: मध्य पूर्व में जारी तनाव अब खुली जंग की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसकी जमीन पर हमला किया गया तो इसका जवाब ऐसा होगा, जिसे इतिहास याद रखेगा।
सूत्रों के मुताबिक, संभावित अमेरिकी हमले की आशंका के बीच देश में बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। दावा किया गया है कि 10 लाख से ज्यादा लड़ाके तैयार हैं, जिनमें युवा बासिज, आईआरजीसी और नियमित सेना के सदस्य शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इस समय देशभर में युद्ध जैसी स्थिति है और किसी भी हालात से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है।
इजरायल के हमलों का दावा
इसी बीच गुरुवार रात ईरान की राजधानी तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। जानकारी के मुताबिक, युद्धक विमानों के उड़ान भरने के कुछ देर बाद तीन बड़े विस्फोट हुए। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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वहीं, इज़राइल ने हाल ही में एक वरिष्ठ ईरानी नौसेना कमांडर को मार गिराने का दावा किया है। इजरायली सेना का कहना है कि वह ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करने के लिए सैकड़ों हमले कर चुकी है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टकराव
ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अपनी रणनीति के तहत खोलना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि वे इस रणनीति का जवाब देने और जलडमरूमध्य को बंद रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान के शीर्ष नेता अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ कमांडरों की हत्या के बाद हालात और बिगड़ गए। इसके बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए, जिसमें कई सैन्य और नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा।
जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन से अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमले किए हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए यह माना जा रहा है कि यदि यह टकराव बढ़ा, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।